menu-icon
India Daily

कौन हैं तारिक रहमान? जिनके हाथों में अब आएगी बांग्लादेश की कमान! 4 साल की उम्र में जाना पड़ा था जेल

बांग्लादेश में मतदान के बाद अब वोटों की गिनती जारी है. नतीजों के मुताबिक बीएनपी सत्ता में वापसी करती नजर आ रही है. अगर पार्टी जितती है तो तारिक रहमान को प्रधानमंत्री बनाया जाएगा. आइए जानते हैं कौंन हैं ये व्यक्ति.

shanu
Edited By: Shanu Sharma
कौन हैं तारिक रहमान? जिनके हाथों में अब आएगी बांग्लादेश की कमान! 4 साल की उम्र में जाना पड़ा था जेल
Courtesy: ANI

नई दिल्ली: बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव हुए, जिसके  बाद वोटों की गिनती जारी है. सामने आ रही जानकारी के मुताबिक 17 साल बाद बीएनपी बहुमत के आंकड़े को पार कर चुकी है. इसी के साथ पड़ोसी मुल्क में महीनों से चल रहे उथल-पुथल के बीच नए अध्याय शुरु होंगे. 

बीएनपी की जीत के बाद तारिक रहमान का प्रधानमंत्री बनना तय माना जा रहा है. ऐसे में पड़ोसी होने के नाते हमारे लिए यह जानना जरूरी है कि तारिक रहमान कौन हैं और अतिथ में भारत के साथ इनका कैसा रिश्ता रहा है. इन दिनों बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के हाल को देखते हुए यह जानना और भी ज्यादा जरूरी हो गया है. 

तारिक रहमान का कैसा रहा बचपन?

तारिक रहमान का राजनीतिक दुनिया से पुराना कनेक्शन रहा है. उनकी मां खालिदा जिया बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रह चुकी हैं. वहीं पिता जिया-उर-रहमान पूर्व राष्ट्रपति थे. जब बांग्लादेश अपनी आजादी की लड़ाई लड़ रहा था उस समय तारिक महज 4 साल के थे. उस समय उन्हें कुछ समय के लिए हिरासत में रखा गया था, इसी वजह से उनकी पार्टी उन्हें आजादी की लड़ाई का सबसे कम उम्र के बंदियों में शामिल बताकर सम्मानित करती है. बीएनपी स्थापना उनके पिता जिया-उर-रहमान ने की है. 

तारिक बचपन से राजनीति में काफी इंटरेस्टेड थे. क्योंकि उनके पिता जिया-उर-रहमान पूर्व राष्ट्रपति रह चुके हैं. वहीं मां जिया खालिदा ने तीन बार प्रधानमंत्री का पद संभाला है. 1991 में पिता के निधन के बाद मां को प्रधानमंत्री बनाने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी. अभी कुछ दिनों पहले जिया खालिदा का निधन हो गया, इस दौरान उन्होंने देश वापसी की. तारिक अपने जिंदगी के 17 साल लंदन में काटे, राजनीतिक साजिशों के शिकार होने के बाद भी वे हमेशा डिजिटल तरीके से अपने पार्टी और जनता से जुड़ने की कोशिश करते रहें. जिसका नतीजा यह हुआ कि इस बार जनता ने उन्हें बहुमत से चुना है.

बांग्लादेश से 17 सालों तक दूर रहें तारिक

2007 में अंतरिम सरकार ने रातों-रात गिरफ्तार कर लिया था. जिसके बाद एक साल तक उन्हें जेल में रहना पड़ा. हालांकि 2008 में जमानत पर रिहा होने के बाद इलाज के बहाने वे लंदन चले गए. वहीं से उन्होंने पार्टी की कमान संभाली. हालांकि जब 2024 में शेख हसीना की सरकार गिरी तो उन्हें फिर से मौका मिल गया. 2026 में तारिक को कई मामलों में बरी कर दिया गया. 17 साल बाद तारिक एक बार फिर मैदान में कूद पड़े, जहां उन्हें जीत मिलती नजर आ रही है.