'आखिर कहां गई ग्लोबल वॉर्मिंग...', अमेरिका के दो-तिहाई राज्यों में बर्फीले तूफान की आशंका पर ट्रंप ने कसा तंज
डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से जलवायु परिवर्तन को लेकर संदेह जताते रहे हैं. वह कई बार ग्लोबल वार्मिंग को “राजनीतिक एजेंडा” और “झूठ” बता चुके हैं.
अमेरिका में जबरदस्त ठंड और बर्फीले तूफान की चेतावनी के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ग्लोबल वार्मिंग को लेकर तंज कसा है. मौसम विभाग के मुताबिक अमेरिका के करीब 40 राज्यों में तेज ठंड और बर्फबारी की आशंका जताई गई है. इसी को लेकर ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर सवाल उठाया कि आखिर ग्लोबल वार्मिंग कहां चली गई.
सोशल मीडिया पर ट्रंप का तंज
ट्रंप ने लिखा कि इतने बड़े स्तर पर ठंड की लहर पहले कभी कम ही देखी गई है. उन्होंने पर्यावरण से जुड़े कार्यकर्ताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि वे बताएं कि ग्लोबल वार्मिंग का क्या हुआ. ट्रंप का यह बयान उस समय आया है जब अमेरिका के बड़े हिस्से में कड़ाके की ठंड पड़ने वाली है.
क्लाइमेट चेंज पर ट्रंप का पुराना रुख
डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से जलवायु परिवर्तन को लेकर संदेह जताते रहे हैं. वह कई बार ग्लोबल वार्मिंग को “राजनीतिक एजेंडा” और “झूठ” बता चुके हैं. अपने पहले कार्यकाल में उन्होंने अमेरिका को पेरिस जलवायु समझौते से बाहर कर दिया था और 2025 में दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में भी वही कदम दोहराया.
फॉसिल फ्यूल को बढ़ावा
ट्रंप की नीतियों में साफ तौर पर तेल और गैस जैसे फॉसिल फ्यूल को बढ़ावा दिया गया है. उनका नारा “ड्रिल, बेबी, ड्रिल” इस बात को दर्शाता है कि वे स्वच्छ ऊर्जा की बजाय पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर ज्यादा भरोसा करते हैं. क्लीन एनर्जी से जुड़ी कई योजनाओं को भी उन्होंने कमजोर किया है.
भारी बर्फीला तूफान और जनजीवन पर असर
मौसम विभाग के अनुसार एक विशाल शीतकालीन तूफान अमेरिका के पूर्वी और मध्य हिस्सों की ओर बढ़ रहा है. इससे भारी बर्फबारी, बिजली गुल होने और बेहद ठंडे मौसम का खतरा है. इस तूफान के कारण 1,500 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द या लेट कर दी गई हैं. डलास, अटलांटा और ओक्लाहोमा जैसे बड़े शहरों के एयरपोर्ट सबसे ज्यादा प्रभावित हैं.
लाखों लोग अलर्ट पर
करीब 16 करोड़ लोग ठंड और बर्फीले तूफान को लेकर अलर्ट या चेतावनी के दायरे में हैं. कई इलाकों में हालात बेहद गंभीर हो सकते हैं. ऐसे में ट्रंप का ग्लोबल वार्मिंग पर तंज एक बार फिर अमेरिका में जलवायु बहस को तेज कर रहा है.