रूसी ड्रोन ने उड़ाए यूक्रेन की ऑटोमेटिक होवित्जर तोप के परखच्चे, सामने आया भयानक वीडियो

रूस-यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग का निकट भविष्य में अंत होता नजर नहीं आ रहा है. रूस लगातार अपने शक्तिशाली हथियारों से यूक्रेन और उसके हथियारों को तबाह कर रहा है जिसके कारण यूक्रेन के लिए इस जंग में बने रहना मुश्किल होता जा रहा है.

Sagar Bhardwaj

रूस-यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग का निकट भविष्य में अंत होता नजर नहीं आ रहा है. रूस लगातार अपने शक्तिशाली हथियारों से यूक्रेन और उसके हथियारों को तबाह कर रहा है जिसके कारण यूक्रेन के लिए इस जंग में बने रहना मुश्किल होता जा रहा है. शनिवार को रूस ने ड्रोन का इस्तेमाल कर यूक्रेन की स्व-चालित होवित्जर तोप के परखच्चे उड़ा दिए. इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें साफ देखा जा सकता है कि कैसे रूसी ड्रोन ने यूक्रेन की तोप को सटीक निशाने से तबाह कर दिया. 

 स्व-चालित होवित्जर तोप क्या है
स्व-चालित होवित्जर तोपें आर्म्ड फोर्सेज के लिए एक महत्वपूर्ण सैन्य उपकरण हैं, जो उच्च शक्ति वाले गोले दागने की क्षमता रखती हैं. ये तोपें अक्सर मोर्चे पर दूरी से दुश्मन पर हमला करने के लिए इस्तेमाल की जाती हैं, और इनका महत्व बहुत अधिक होता है. जब रूसी ड्रोन ने इन तोपों पर हमला किया, तो यह यूक्रेनी सेना के लिए एक बड़ी क्षति थी, क्योंकि इन तोपों की नष्ट होने से उनकी युद्ध क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है.

रूसी ड्रोन की युद्ध रणनीति में भूमिका
रूसी सैन्य रणनीति में ड्रोन का इस्तेमाल एक रणनीतिक कदम साबित हो रहा है. ये ड्रोन न केवल दुश्मन के ठिकानों को सटीक रूप से निशाना बना सकते हैं, बल्कि इनका इस्तेमाल दुश्मन की मुख्य आपूर्ति लाइनों और सैन्य उपकरणों को नष्ट करने के लिए भी किया जा रहा है. इस हमले ने साबित कर दिया कि ड्रोन अब पारंपरिक युद्धकला से कहीं अधिक प्रभावी साबित हो रहे हैं, और युद्ध के मैदान में इनका रोल दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है.

यूक्रेनी सेना के लिए नई चुनौती
यूक्रेन के लिए यह एक नई चुनौती बन गई है, क्योंकि ऐसे सटीक हमले उनकी सैन्य संरचना को कमजोर कर रहे हैं. जहां एक ओर ड्रोन उनकी सामरिक सुविधाओं को निशाना बना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ये नए प्रकार के हथियार युद्ध के समय को और भी अधिक खतरनाक बना रहे हैं. यूक्रेनी सेना के लिए अपने सैन्य उपकरणों और तोपों की सुरक्षा को मजबूत करना अब पहले से कहीं अधिक आवश्यक हो गया है.