'तेल भंडार पर कब्जा करना है असली वजह', वेनेज़ुएला की अंतरिम राष्ट्रपति का अमेरिका पर सीधा हमला
वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने कहा है कि अमेरिका की दबाव राजनीति का असली कारण देश के विशाल तेल संसाधन हैं, और आरोपों को सिर्फ बहाने बताया है, जबकि रिश्तों में गहरा तनाव है.
नई दिल्ली: वेनेज़ुएला के अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने अमेरिका पर कड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि अमेरिका की आलोचना जैसे ड्रग तस्करी, लोकतंत्र कमजोर होना और मानवाधिकार उल्लंघन वास्तव में तेल संसाधनों को हासिल करने की 'ऊर्जा लालच' का हिस्सा है. उन्होंने दावा किया कि इन बहानों के पीछे असली मकसद वेनेज़ुएला के विशाल ऊर्जा भंडार पर नियंत्रण रखना है. रोड्रिगेज की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब कैरेबियाई देश और वाशिंगटन के बीच तनाव चरम पर है और राजनीतिक नतीजे भविष्य को प्रभावित कर सकते हैं.
'तेल लालच' को अमेरिका की मूल मंशा बताया
डेल्सी रोड्रिगेज ने जनता से जुड़े एक प्रसारण में कहा कि अमेरिका द्वारा लगाए गए आरोप- जैसे कि मादक पदार्थ तस्करी, लोकतांत्रिक ढांचे में गिरावट और मानवाधिकार उल्लंघन सभी झूठे हैं. उनका कहना था कि इन आरोपों का असली उद्देश्य वेनेज़ुएला के ऊर्जा संसाधनों पर कब्जा करना है, जिसे उन्होंने 'ऊर्जा लालच' बताया है. वेनेज़ुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े पुख़्ता तेल भंडार हैं जो वैश्विक ऊर्जा बाजार में बेहद अहम भूमिका रखते हैं.
अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में 'दाग' और भविष्य की ऊर्जा साझेदारी
रोड्रिगेज ने कहा कि वेनेज़ुएला और अमेरिका के बीच रिश्तों में 'ऐसा दाग' लगा है जो इतिहास में पहले कभी नहीं देखा गया. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे देश के ऊर्जा संसाधनों को लेकर वाशिंगटन के दबाव को स्वीकार नहीं करते. हालांकि उन्होंने दोहराया कि देश 'उन देशों के साथ ऊर्जा समझौतों के लिए खुला' है जहां सबको लाभ मिले और कॉमर्शियल तरीके से काम हो. इस बयान से संकेत मिलता है कि वे संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय भागीदारों की भूमिका को भी महत्व देती हैं.
विदेशी दबाव और घरेलू राजनीतिक स्थिरता के लिए कदम
डेल्सी रोड्रिगेज ने कहा कि वेनेज़ुएला को आंतरिक विभाजनों से उबारने के लिए राजनीतिक ताकतों को मिलकर काम करना चाहिए. उन्होंने कहा कि 'अत्यंत या उग्र' सामाजिक, राजनीतिक या आर्थिक विचारधाराओं को रोका जाना चाहिए, क्योंकि ऐसे विचार देश को खतरनाक परिस्थितियों में पहुंचा सकते हैं. उन्होंने एक आगामी विधेयक का भी जिक्र किया, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय स्थिरता और सांप्रदायिक शांति को बढ़ावा देना है.
ट्रंप की तेल नीति और अमेरिकी दावे
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वेनेज़ुएला तेल समझौते से मिलने वाली राशि का उपयोग केवल अमेरिकी निर्मित उत्पादों की खरीद पर करेगा, जिसमें कृषि उत्पाद, दवाएं, उपकरण और ऊर्जा संयंत्रों के लिए सामग्री शामिल हैं. ट्रंप ने इसे दोनों देशों के लिए 'समझदारी और लाभप्रद' कदम बताया. इसके अलावा अमेरिका के कई अधिकारी यह भी चाहते हैं कि वेनेज़ुएला अपने ऊर्जा क्षेत्र में अमेरिकी कंपनियों को अधिक मौका दे, जिसे रोड्रिगेज ने देखा तो सकारात्मक रूप से लेकिन संदेह के साथ बताया.
वैश्विक राजनीतिक तनाव और तेल का महत्व
विशेषज्ञों के अनुसार वेनेज़ुएला में हाल की घटनाओं में 'तेल' एक केंद्रबिंदु बन गया है. अमेरिका ने वेनेज़ुएला के तेल टैंकरों पर नजर रखी है और कई मामलों में इन्हें जब्त भी किया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह विवाद और बढ़ा है. वहीं वेनेज़ुएला की प्रतिक्रिया यह रही है कि उसके संसाधनों को बलपूर्वक लेने की कोशिश की जा रही है, जबकि रोड्रिगेज अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सम्मानजनक समझौतों पर जोर देती हैं.
वेनेज़ुएला के इस बयान से वैश्विक राजनीति और ऊर्जा बाजार दोनों पर प्रश्न खड़े होते हैं. तेल भंडार, राजनीतिक दबाव, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और मानवाधिकार जैसे मुद्दे अब केवल दो देशों तक सीमित नहीं रहे. यह मामला इस बात की याद दिलाता है कि ऊर्जा संसाधन geopolitics में हमेशा से महत्वपूर्ण रहे हैं और बड़े फैसलों के केंद्र में रहते हैं.