2025 में अमेरिका ने 1 लाख से अधिक वीजा किए रद्द; विदेश मंत्रालय कहा- 'इन ठगों को देश से बाहर निकालना जारी रहेगा'
अमेरिका ने 2025 में 1 लाख से ज्यादा वीजा रद्द किए हैं. ट्रंप प्रशासन ने आपराधिक गतिविधियों का हवाला देते हुए छात्र, कामकाजी और विशेष श्रेणी के वीजाधारकों पर सख्त कार्रवाई तेज कर दी है.
नई दिल्ली: अमेरिका में इमीग्रेशन नीति एक बार फिर सख्त मोड़ पर पहुंच गई है. डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाली सरकार ने 2025 में अब तक 1 लाख से अधिक वीजा रद्द कर दिए हैं. इस कार्रवाई में छात्र, कामकाजी और विशेष श्रेणी के वीजा शामिल हैं. अमेरिकी विदेश विभाग का कहना है कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है. प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि नियमों के उल्लंघन पर कोई नरमी नहीं होगी.
रिकॉर्ड स्तर पर वीजा रद्द
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, 2025 में रद्द किए गए वीजा की संख्या अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है. विभाग ने बताया कि ट्रंप प्रशासन के सत्ता में आने के बाद यह कार्रवाई तेज हुई. अधिकारियों का कहना है कि वीजा धारकों को अमेरिकी कानूनों का पूरी तरह पालन करना होगा, अन्यथा उन्हें देश छोड़ना पड़ेगा. यह कदम सरकार की सख्त इमीग्रेशन नीति को दर्शाता है.
'अपराधियों को देश से बाहर करेंगे'
विदेश विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि अब तक 1 लाख से ज्यादा वीजा रद्द किए जा चुके हैं. इनमें करीब 8,000 छात्र वीजा और 2,500 विशेष श्रेणी के वीजा शामिल हैं. विभाग ने साफ शब्दों में कहा कि अपराध में शामिल लोगों को अमेरिका से बाहर किया जाएगा ताकि देश की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
किन कारणों से वीजा छीने गए
रिपोर्ट के अनुसार, जिन विशेष श्रेणी के कामगारों के वीजा रद्द हुए, उनमें से करीब आधे मामले नशे में गाड़ी चलाने से जुड़े थे. लगभग 30 प्रतिशत मामलों में हमला या हिंसा के आरोप थे. बाकी मामलों में चोरी, बाल उत्पीड़न, नशीले पदार्थों का कारोबार और वित्तीय धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप शामिल थे.
2024 की तुलना में दोगुनी कार्रवाई
फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में करीब 40,000 वीजा रद्द किए गए थे. 2025 में यह संख्या दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है. अधिकतर मामलों में टूरिस्ट और बिजनेस वीजा पर आए लोग समय सीमा से अधिक रुकते पाए गए. वहीं सैकड़ों छात्रों और विदेशी कामगारों के वीजा आपराधिक मामलों के कारण रद्द किए गए.
सख्त स्क्रीनिंग और 'अमेरिका फर्स्ट' नीति
ट्रंप प्रशासन ने वीजा जांच प्रक्रिया और कड़ी कर दी है. H-1B और H-4 वीजा आवेदकों की सोशल मीडिया प्रोफाइल तक की जांच की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि अमेरिकी वीजा कोई अधिकार नहीं, बल्कि एक विशेषाधिकार है. सरकार ने दोहराया है कि सार्वजनिक सुरक्षा और राष्ट्रीय हित सर्वोपरि रहेंगे.