ईरान पर फिर गरजेगा अमेरिका! 9000 सैनिक रवाना, तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर भी पहुंचा मिडिल ईस्ट; ट्रंप की चेतावनी
ईरान के साथ चल रहे तनाव के बीच अमेरिका ने करीब 9 हजार सैनिकों को जहाजों के जरिए मिडिल ईस्ट भेजा है. इसमें एक तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर भी शामिल है.
नई दिल्ली: वॉशिंगटन से एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसने पूरी दुनिया की नजरें मिडिल ईस्ट की तरफ मोड़ दी हैं. ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के बीच अमेरिकी सेना ने बताया कि वह करीब 9 हजार सैनिकों को जहाजों के जरिए मिडिल ईस्ट भेज रही है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ चेतावनी दी है कि ईरान पर जल्द ही नए हमले हो सकते हैं.
इस सैन्य जमावड़े में एक तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर भी शामिल किया गया है, जो दिखाता है कि ट्रंप का ईरान के खिलाफ रुख कितनी तेजी से बदल रहा है. अमेरिका में आने वाले मिडटर्म चुनाव भी इस पूरे घटनाक्रम पर असर डाल रहे हैं, और संकेत मिल रहे हैं कि यह संघर्ष अब और जटिल होता जा रहा है.
फ्लाईदुबई हमले में ईरान का हाथ होने का शक
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक बुधवार को फ्लाईदुबई के पायलट पर चाकू से हमला करने वाले सह-पायलट का संबंध ईरान से हो सकता है. जब एक पत्रकार ने इस बारे में सवाल पूछा, तो ट्रंप ने कहा कि अब तक जो सुना है उसके आधार पर जवाब हां है, लेकिन इस पर अभी काम चल रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान का संबंध साबित हुआ तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई करेगा.
इजराइली PM ने किया कट्टरपंथी ट्रेनिंग का दावा
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में दावा किया कि जांचकर्ताओं को शक है कि फ्लाईदुबई हमले का आरोपी कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा से प्रभावित था, हालांकि उन्होंने इसके आगे कोई जानकारी नहीं दी. इस पर ट्रंप ने सख्त लहजे में कहा कि अगर ईरान का हाथ साबित हुआ तो उसे बहुत बुरी तरह से सबक सिखाया जाएगा.
हजारों अमेरिकी सैनिक और नौसैनिक रवाना
मिडिल ईस्ट भेजे जा रहे जहाजों के इस बेड़े में 7 हजार से ज्यादा नौसैनिक और 2 हजार मरीन शामिल हैं. इसमें यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप और यूएसएस मकिन आइलैंड एम्फीबियस ग्रुप भी शामिल हैं. एक अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक अक्टूबर के आखिर तक मिडिल ईस्ट में कुल तीन एयरक्राफ्ट कैरियर मौजूद हो सकते हैं, जिससे कुल सैन्य संख्या 20 हजार से ज्यादा हो जाएगी.
चुनाव के बाद और हमले बढ़ाने का दिया संकेत
टाइम मैगजीन को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि 3 नवंबर को होने वाले चुनाव के बाद ईरान पर बमबारी तेज करना मुमकिन है. उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने ईरान के ताजा युद्धविराम प्रस्ताव को इसलिए ठुकरा दिया, क्योंकि जो चीजें वे एक साल पहले मंजूर नहीं करते, वे आज भी मंजूर नहीं करेंगे. उन्होंने होरमुज जलडमरूमध्य खोलने के ईरानी प्रस्ताव का भी जिक्र किया, लेकिन इसे नाकाफी बताया.