'RSS और RAW को बैन...', अमेरिकी धार्मिक स्वतंत्रता आयोग ने भारतीय संगठनों के खिलाफ ट्रंप सरकार से की सख्त सिफारिश

अमेरिका की यूनाइटेड स्टेट्स कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम ने भारत की दो संगठनों पर गंभीर आरोप लगाते हुए ट्रंप सरकार से इनपर प्रतिबंध लगाने की मांग की है.

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Shanu Sharma

अमेरिका से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. अमेरिका की यूनाइटेड स्टेट्स कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम ने अपनी सालाना रिपोर्ट में भारत के खिलाफ गंभीर सिफारिशें की हैं. इस रिपोर्ट में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS और भारत की खुफिया एजेंसी RAW पर लक्षित प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है. इस महीने की शुरुआत में पेश की गई इस रिपोर्ट में USCIRF द्वारा यह मांग की गई है.

USCIRF एक स्वतंत्र अमेरिकी एजेंसी है, जो दुनिया भर में धार्मिक स्वतंत्रता की निगरानी करके वाइट हाउस, विदेश विभाग और कांग्रेस को सलाह देती है. हालांकि उनके द्वारा की गई सिफारिशें बाध्यकारी नहीं होतीं. इस रिपोर्ट को लेकर लोगों के बीच हलचल है.

अमेरिकी आयोग ने लगाए गंभीर आरोप

आयोग ने कहा है कि अमेरिका सरकार को आरएसएस और रॉ जैसे संगठनों पर लक्षित प्रतिबंध लगाने चाहिए. इतना ही नहीं उन्होंने संपत्ति जब्त करने और अमेरिका में प्रवेश पर रोक लगाने की बात कही गई है. आयोग का आरोप है कि ये संगठन धार्मिक स्वतंत्रता के गंभीर उल्लंघनों के लिए जिम्मेदार हैं या इन्हें सहन करते हैं.

बता दें कि आरएसएस भारत का 100 साल पुराना संगठन है. वहीं रॉ भारत की विदेशी खुफिया एजेंसी है. USCIRF ने भारत को 'कंट्री ऑफ पार्टिकुलर कंसर्न' (CPC) घोषित करने की सिफारिश की है. यह टैग उन देशों को दिया जाता है जहां धार्मिक स्वतंत्रता के गंभीर और लगातार उल्लंघन होते हैं. रिपोर्ट में भारत को 18 देशों की सूची में शामिल किया गया है. इस लिस्ट में पहले से ही चीन, उत्तर कोरिया, ईरान और पाकिस्तान का नाम शामिल है.

आयोग ने धार्मिक स्वतंत्रता पर उठाए सवाल

आयोग ने पिछले सात साल से भारत में धार्मिक स्वतंत्रता पर सवाल उठाए हैं. रिपोर्ट में कहा गया कि 2025 में स्थिति और बिगड़ी गई. सरकार ने कई कानून लागू किए जो धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाते हैं. आयोग ने ट्रंप प्रशासन से भारत को हथियार बेचने पर रोक लगाने की  बात कही है.

अमेरिकी नागरिकों और अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न के आधार पर यह कदम उठाया जा सकता है. रिपोर्ट में आर्म्स एक्सपोर्ट कंट्रोल एक्ट की धारा 6 का हवाला दिया गया है. इसमें उत्पीड़न के मामलों पर हथियार बिक्री रोकने का प्रावधान है. रिपोर्ट में ट्रांसनेशनल रिप्रेशन पर भी ध्यान दिया गया है. अमेरिकी कांग्रेस से एक कानून पास करने की मांग की गई है. यह कानून भारत सरकार द्वारा अमेरिका में अल्पसंख्यकों पर दबाव के मामलों की रिपोर्टिंग करेगा.