इंडियन सोलर अलायंस समेत 65 इंटरनेशनल संगठन से अमेरिका ने खुद को किया अलग
व्हाइट हाउस ने ट्वीट किया, "आज, राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप ने एक प्रेसिडेंशियल मेमोरेंडम पर साइन किए, जिसमें 66 इंटरनेशनल संगठनों से अमेरिका को बाहर निकालने का निर्देश दिया गया है.
नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा कर कहा है कि संयुक्त राज्य अमेरिका 66 अंतरराष्ट्रीय संगठनों और संधियों का हिस्सा बनना बंद कर देगा, जो दुनिया भर के कई अन्य देशों के साथ काम करते हैं. इसे एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिसमें अमेरिका वैश्विक सहयोग से पीछे हट रहा है. यहां देश बड़ी समस्याओं को हल करने के लिए मिलकर काम करते हैं.
यह जानकारी व्हाइट हाउस ने एक प्रेसिडेंशियल मेमोरेंडम में दी है. इसके अनुसार, अमेरिका 35 गैर-संयुक्त राष्ट्र संगठनों और 31 संयुक्त राष्ट्र से जुड़ी संस्थाओं से बाहर निकलने का फैसला कर रहा है. सरकार का कहना है कि यह फैसला देश के हितों को ध्यान में रखकर लिया गया है. चलिए जानते हैं इनमें कौन कौन-से संगठन और कौन कौन-सी संधियां शामिल हैं.
व्हाइट हाउस ने किया ट्वीट:
व्हाइट हाउस ने ट्वीट किया, "आज, राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप ने एक प्रेसिडेंशियल मेमोरेंडम पर साइन किए, जिसमें 66 इंटरनेशनल संगठनों से अमेरिका को बाहर निकालने का निर्देश दिया गया है, जो अब अमेरिकी हितों की सेवा नहीं करते हैं, जिसमें 35 गैर-संयुक्त राष्ट्र संगठन और 31 संयुक्त राष्ट्र संस्थाएं शामिल हैं."
कौन-से संगठन और संधियां हैं शामिल:
इन गैर-संयुक्त राष्ट्र संगठनों में कई बड़े और जाने-माने एनवारोयमेंटल ऑर्गेनाइजेशन शामिल हैं. इनमें भारत और फ्रांस के नेतृत्व में चलने वाला इंटरनेशनल सोलर अलायंस, नैचुरल कन्जर्वेशन से जुड़ा इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (IUCN) और क्लाइमेट चेंज पर काम करने वाला इंटरगवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज शामिल है. इन संगठनों का उद्देश्य एनवायरोमेंट की रक्षा, जलवायु बदलाव से निपटना और अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाना है.
ट्रंप ने किए आधिकारिक आदेश पर साइन:
7 जनवरी, 2026 को, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक आधिकारिक आदेश पर हस्ताक्षर किए जो इन समूहों के लिए अमेरिकी समर्थन और फंडिंग को रोकता है. यह फैसला प्रशासन द्वारा उन सभी अंतरराष्ट्रीय संगठनों की बारीकी से समीक्षा करने के बाद लिया गया, जिनमें अमेरिका शामिल था और यह तय किया गया कि कौन से संगठन अब देश के लिए मददगार या उपयोगी नहीं हैं.
व्हाइट हाउस का कहना है कि ये संगठन अब जरूरी नहीं हैं, बहुत अधिक पैसा खर्च करते हैं, या अमेरिका जो चाहता है उसके खिलाफ काम करते हैं. अधिकारियों ने यह भी कहा कि इनमें से कुछ समूह खराब तरीके से चलाए जा रहे हैं या ऐसे विचार थोपते हैं जो स्वतंत्रता और संप्रभुता के बारे में अमेरिकी मान्यताओं के खिलाफ जाते हैं.