'प्यार से या वार से', वेनेजुएला के बाद अब ग्रीनलैंड में तांडव मचाने को तैयार ट्रंप; रूस और चीन को भी घसीटा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर बड़ा बयान देते हुए चेतावनी दी है कि अमेरिका वहां कार्रवाई करेगा. उनके बयान के बाद डेनमार्क और यूरोपीय देशों में चिंता बढ़ गई है.

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Reepu Kumari

नई दिल्ली: लगता है ट्रंप पीस नहीं जंग के मूड में हैं. वेनेजुएला के बाद अब उनकी नजर ग्रीनलैंड पर है. ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका की मंशा एक बार फिर चर्चा में है. शनिवार को व्हाइट हाउस में एक सभा के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तावनी दी है. उन्होनें साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका इस द्वीप को लेकर चुप नहीं बैठेगा.

ट्रंप के बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है. रूस और चीन के बढ़ते प्रभाव का हवाला देते हुए उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका अपने हितों की रक्षा के लिए सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा.

ट्रम्प की चेतावनी 

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि अमेरिका ग्रीनलैंड पर कार्रवाई करेगा. साथ ही उन्होनें रूस या चीन को आर्कटिक द्वीप पर प्रभाव हासिल करने से रोकने के लिए वह 'आसान तरीका' या 'कठिन तरीका' अपनाएगा

ट्रम्प ने कहा, 'हम ग्रीनलैंड पर कुछ करेंगे, चाहे उन्हें पसंद हो या न हो, क्योंकि अगर हम ऐसा नहीं करते हैं, तो रूस या चीन ग्रीनलैंड पर कब्जा कर लेंगे, और हम रूस या चीन को पड़ोसी के रूप में नहीं रखना चाहेंगे. मैं आसान तरीके से समझौता करना चाहता हूं, लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ, तो हम कठिन तरीका अपनाएंगे.'

'चुप नहीं रहेंगे'

द्वीप के रणनीतिक महत्व पर जोर देते हुए ट्रंप ने कहा, 'जब यह हमारा है, तो हम इसकी रक्षा करते हैं... देखिए ओबामा ने ईरान के साथ जो भयानक समझौता किया था, उसका क्या नतीजा निकला, वह एक अल्पकालिक समझौता था... देशों को स्वामित्व का अधिकार होना चाहिए... हमें ग्रीनलैंड की रक्षा करनी होगी, क्योंकि अगर हम ऐसा नहीं करेंगे, तो चीन या रूस करेंगे.'

सीधे नकद भुगतान

खबरों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन अमेरिका के साथ घनिष्ठ संबंध स्थापित करने के लिए ग्रीनलैंडवासियों को सीधे नकद भुगतान करने पर विचार कर रहा है. रॉयटर्स द्वारा उद्धृत सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों ने प्रति व्यक्ति 10,000 डॉलर से लेकर 100,000 डॉलर तक की एकमुश्त राशि पर चर्चा की है.

'पहले गोली चलाने और बाद में सवाल पूछने' -डेनमार्क 

ग्रीनलैंड, लगभग 57,000 निवासियों वाला एक अर्ध-स्वायत्त डेनिश क्षेत्र है, जो प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है. डेनमार्क ने अमेरिका की संभावित कार्रवाइयों पर चिंता व्यक्त करते हुए चेतावनी दी है कि अगर ग्रीनलैंड पर हमला होता है तो उसके सैनिकों को 'पहले गोली चलाने और बाद में सवाल पूछने' का आदेश दिया गया है.

यूरोपीय देशों में चिंता

यूरोपीय अधिकारियों ने भी आर्कटिक क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य विकल्पों पर खुले तौर पर विचार करने पर चिंता जताई है. यह योजना अभी प्रारंभिक चरण में है, और अनुमान है कि कुल भुगतान लगभग 6 अरब डॉलर तक हो सकता है. एक अन्य विकल्प जिस पर चर्चा चल रही है, वह है मुक्त सहयोग समझौता, जो कई प्रशांत द्वीप देशों के साथ अमेरिका के समझौतों के समान है, जिसमें अमेरिका सैन्य पहुंच के बदले वित्तीय सहायता और रक्षा सुरक्षा प्रदान करता है.

ग्रीनलैंड को संभवतः पहले डेनमार्क से स्वतंत्र होना होगा, और इन भुगतानों का उपयोग इस कदम या अमेरिका के साथ भविष्य के समझौते के लिए जन समर्थन जुटाने के लिए किया जा सकता है. सर्वेक्षणों से पता चलता है कि अधिकांश ग्रीनलैंडवासी डेनमार्क से स्वतंत्रता के पक्षधर हैं, लेकिन अमेरिका का हिस्सा नहीं बनना चाहते.