'स्ट्रेट ऑफ ट्रंप कहो, नोबेल शांति पुरस्कार मुझे नहीं तो...', ईरान के बाद अमेरिका के निशाने पर अब क्यूबा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मियामी में समर्थकों को संबोधित करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को मजाकिया अंदाज में 'स्ट्रेट ऑफ ट्रंप' कह दिया.

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Reepu Kumari

नई दिल्ली: 28 मार्च 2026 को मियामी के फेना फोरम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने समर्थकों के सामने ईरान युद्ध पर जोरदार भाषण दिया. अपने चिर-परिचित अंदाज में ट्रंप ने ईरान पर किए गए ऑपरेशन एपिक फ्यूरी की सफलता का दावा किया और कहा कि अब मिडिल ईस्ट ईरानी आतंक से मुक्त होने के करीब है. भाषण के दौरान उन्होंने होर्मुज को 'स्ट्रेट ऑफ ट्रंप' कहकर सबको हंसाया और फिर तुरंत सुधारते हुए मजाक उड़ाया. ट्रंप ने खुद को पीसमेकर बताते हुए नोबेल पुरस्कार पर भी तंज कसा.

ईरान की सैन्य ताकत को बताया तबाह

ट्रंप ने दावा किया कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत ईरान की मिसाइलें, नौसेना और सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है. उन्होंने कहा कि ईरान अब कोई एयर डिफेंस नहीं बचा पाया है और अमेरिकी सेना ऊपर से जो चाहे निशाना बना रही है. राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि 47 साल तक ईरान को मिडिल ईस्ट का बुली माना जाता था, लेकिन अब वह भाग रहा है.

कासिम सुलेमानी का जिक्र, पहले कार्यकाल को याद किया

भाषण में ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में ईरानी कमांडर कासिम सुलेमानी के ड्रोन हमले में मारे जाने का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि वह एक बड़ा पल था और ईरान का नेतृत्व भी अंदर से खुश था, हालांकि वे इसे स्वीकार नहीं करते. ट्रंप ने कहा कि अब ईरान इतना कमजोर हो चुका है कि उसे डील के लिए मजबूर होना पड़ेगा. 

ब्रिटेन और नाटो पर कसा तंज

ट्रंप ने ब्रिटेन के एयरक्राफ्ट कैरियर पर फिर मजाक उड़ाया. उन्होंने कहा कि वे छोटे हैं, तेज नहीं चलते और उन्हें हेलीकॉप्टर की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है. नाटो पर निशाना साधते हुए ट्रंप बोले कि वे हमारी मदद नहीं करते, जबकि बहरीन और कुवैत जैसे मिडिल ईस्ट सहयोगी निराश नहीं करते. 

टारगेट बाकी, क्यूबा को दी धमकी

राष्ट्रपति ने कहा कि कुछ दिन पहले ईरान की 101 मिसाइलें अमेरिकी अंडरवॉटर टारगेट पर दागी गईं, लेकिन सभी मार गिराई गईं. अब उनके 3554 टारगेट बाकी हैं जिन्हें जल्द खत्म कर दिया जाएगा. ट्रंप ने साफ कहा कि ईरान के बाद अगला निशाना क्यूबा होगा. 

पीसमेकर की पहचान पर जोर

ट्रंप ने कहा कि वे खुद को महान पीसमेकर मानते हैं और अगर उन्हें शांति का नोबेल पुरस्कार नहीं मिला तो फिर किसी को कभी नहीं मिलेगा. उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी कोई हैरानी नहीं है. भाषण में ट्रंप ने मजाकिया लहजे में कहा कि फेक न्यूज उन्हें गलती करने का आरोप लगाएगी, लेकिन उनसे गलतियां बहुत कम होती हैं.