15,000 किमी तक पीछा कर अमेरिकी सेना ने दबोचा वेनेजुएला का तेल टैंकर 'बर्था', चीन कनेक्शन ने बढ़ाई हलचल!
अमेरिकी नौसेना ने कैरेबियन सागर से शुरू हुए एक साहसिक ऑपरेशन में करीब 15,000 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद वेनेजुएला के तेल टैंकर 'बर्था' को हिंद महासागर में कब्जे में ले लिया है. इस जहाज पर 1.9 मिलियन बैरल कच्चा तेल लदा है.
नई दिल्ली: अमेरिकी सेना ने समुद्री सीमा पर एक ऐसी रणनीतिक जीत हासिल की है जिसकी चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है. कैरेबियन सागर से शुरू हुए एक लंबे और थका देने वाले पीछा करने के अभियान का अंत हिंद महासागर में हुआ, जहां अमेरिकी सैनिकों ने वेनेजुएला से तेल भरकर निकले टैंकर 'बर्था' को अपने नियंत्रण में ले लिया. यह ऑपरेशन न केवल अमेरिकी खुफिया तंत्र की मजबूती को दर्शाता है, बल्कि वेनेजुएला पर लगाए गए कड़े प्रतिबंधों को लागू करने की अमेरिका की प्रतिबद्धता को भी पुख्ता करता है.
जहाजों की आवाजाही पर नजर रखने वाली संस्थाओं के अनुसार, अमेरिकी सैनिक कैरेबियन सागर से ही इस टैंकर का साये की तरह पीछा कर रहे थे. कैरेबियन से हिंद महासागर तक की दूरी लगभग 10 से 15 हजार किलोमीटर है, जिसे अमेरिकी सेना ने सफलतापूर्वक ट्रैक किया. 'US सदर्न कमांड' ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि अमेरिकी सैनिक रात के अंधेरे में टैंकर 'बर्था' पर चढ़े और इसके कमांड को अपने कब्जे में ले लिया. पेंटागन द्वारा जारी वीडियो में अमेरिकी मिलिट्री हेलीकॉप्टरों को टैंकर की ओर बढ़ते हुए साफ देखा जा सकता है.
ट्रंप के प्रतिबंधों और तेल स्मगलिंग का खेल
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह जहाज राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कैरिबियन में स्वीकृत 'जहाजों के क्वारंटाइन' नियमों को तोड़कर भागने की कोशिश कर रहा था. वेनेजुएला पिछले कई सालों से अमेरिकी तेल प्रतिबंधों का सामना कर रहा है. अमेरिका का आरोप है कि तानाशाह राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सरकार वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला में सेंध लगाने के लिए दूसरे देशों के झंडों का इस्तेमाल कर तेल की तस्करी करती थी. मादुरो के पकड़े जाने के बाद वेनेजुएला के तट से करीब एक दर्जन से ज्यादा टैंकर भाग निकले थे, जिनमें से 'बर्था' आखिरी बचा हुआ टैंकर था जिसका पीछा किया जा रहा था.
1.9 मिलियन बैरल तेल और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन
'टैंकरट्रैकर' के सह-संस्थापक समीर मदानी के मुताबिक, कुक आइलैंड्स के झंडे वाले इस टैंकर पर लगभग 1.9 मिलियन बैरल कच्चा तेल लदा हुआ है. जांच में यह भी सामने आया है कि यह टैंकर ईरान से जुड़े अमेरिकी प्रतिबंधों की सूची में भी शामिल है. मदानी ने खुलासा किया कि पिछले कुछ वर्षों में इस जहाज को चीन में डिलीवरी के लिए दूसरे जहाजों के माध्यम से ईरानी कच्चा तेल प्राप्त हुआ है. वर्तमान में टैंकर अमेरिकी नियंत्रण में है, हालांकि इसे आधिकारिक तौर पर जब्त किया गया है या नहीं, इस पर पेंटागन ने कोई अतिरिक्त टिप्पणी नहीं की है.