अमेरिका ने शांति वार्ता के बीच सेल्फ-डिफेंस में किए हमले, बोट्स और मिसाइल लॉन्च साइटों को बनाया निशाना
अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में सेल्फ डिफेंस में हमले किए हैं. इन हमलों में मिसाइल लॉन्च साइट्स और उन बोट्स को निशाना बनाया है, जो बारूदी सुरगें बिछा रही थीं.
नई दिल्ली: अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में सेल्फ डिफेंस में हमले किए हैं. इन हमलों में मिसाइल लॉन्च साइट्स और उन बोट्स को निशाना बनाया है, जो बारूदी सुरगें बिछा रही थीं. बता दें कि यह हमला तक किया गया जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत अच्छी तरह से आगे बढ़ने की बात कही थी.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता टिमोथी हॉकिन्स ने कहा, "अमेरिकी सेना ने आज अपने ट्रूप्स को ईरानी सेना के खतरों से बचाने के लिए सेल्फ डिफेंस हमले किए." वह इस अहम स्ट्रेटिजिक वॉटरवेज के पास हुए धमाकों की खबरों पर रिस्पॉन्स दे रहे थे. हॉकिन्स ने आगे कहा कि अमेरिकी सैनिकों को सुरक्षित रखने के लिए ये हमले जरूरी थे, लेकिन चल रहे संघर्ष विराम के दौरान अमेरिकी सेना अभी भी संयम बरत रही है.
अमेरिकी सेना ने सरफेस टू एयर मिसाइल साइट्स पर किया हमला:
हॉकिन्स का कहना है कि अमेरिका सेंट्रल कमांड मौजूदा सीजफायर के दौरान संयम बरतते हुए हमारी सेना की रक्षा कर रही है. इसके अलावा एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि ईरान के IRGC की दो नावें होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछाते हुए देखी गईं. अमेरिकी सेना ने सरफेस टू एयर मिसाइल साइट्स पर हमला किया.
एक रिपोर्ट के अनुसार, ये हमले सीमित थे. इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं था कि ईारान के साथ सीजफायर टूट गया है. सीजफायर अब भी लागू है और यह कार्रवाई छोटे पैमाने पर की गई थी. सोमवार को ईरान के दक्षिणी तट के कई इलाकों से धमाकों की खबरें आईं. ईरानी मीडिया ने बताया कि बंदर अब्बास, सीरिक और जास्क में धमाके हुए.
बता दें कि ये हमले ऐसे समय हुए हैं जब राष्ट्रपति ट्रंप इस क्षेत्र में शांति समझौता कराने के लिए काफी ज्यादा कोशिश कर रहे हैं. वहीं, दूसरी ओर अमेरिकी सेना ने इस क्षेत्र में अपने सैनिकों और हितों की रक्षा के लिए तुरंत कार्रवाई की.
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