एक पन्ना पर लिखा 14 पॉइंट तय करेगा ईरान अमेरिका युद्ध का रुख, MOU पर नहीं बनी बात तो फिर जलेगा मिडिल ईस्ट!

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जल्द ही थम सकता है. ट्रंप प्रशासन की ओर से एक पन्ना का पेश किया गया एमओयू पर पर अगर समझौता होता है तो गुड न्यूज आ सकती है.

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Shanu Sharma

अमेरिका और ईरान के बीच लगभग तीन महीने से जंग जारी है. हालांकि दोनों देशों ने इस जंग को खत्म करने के लिए बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन अभी तक सहमति नहीं बन पाई है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नया  बयान सामने आया है. जिसमें उन्होंने कहा कि तेहरान के साथ कोई समझौता संभव है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर ऐसा नहीं होता है तो अमेरिका फिर से बमबारी शुरू कर देगा. 

मिल रही जानकारी के मुताबिक अमेरिका ने बातचीत के दौरान एक पृष्ठ का समझौता ज्ञापन पेश किया है. जिसमें 14 प्वाइंट दिए गए हैं. हालांकि ईरान की ओर से अमेरिका के इस नए प्रस्ताव पर कोई जवाब सामने नहीं आया है. लेकिन ईरान के मुख्य वार्ताकार का कहना है कि वाशिंगटन द्वारा इस्लामिक गणराज्य को आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर करने की कोशिश कर रहा है.

MOU पर क्या है ईरान का जवाब 

सूत्रों की मानें दोनों देश इस जंग को खत्म करने के लिए इस एक-पृष्ठ के MOU पर सहमति के करीब पहुंच रहे हैं. ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी भी समझौते पर दोनों देश इतना करीब पहुंचे हैं. हालांकि इसे लेकर कोई भी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है.

वाशिंगटन के वार्ताकर इस एक पृष्ठ के MOU पर 48 घंटे में तेहरान से  जवाब की उम्मीद कर रहे हैं. इस ज्ञापन से जुड़ी जानकारी वाशिंगटन और पाकिस्तना से  लीक हुई है, वहीं ईरान इस मामले में पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का कहना है कि तेहरान केवल एक निष्पक्ष और व्यापक समझौता ही स्वीकार करेगा, हालांकि इस दौरान उन्होंने इस एमओयू के बारे में कोई जिक्र नहीं किया.

MOU में क्या है 14 पॉइंट

सूत्रों का कहना है कि इस एक पृष्ठ के ज्ञापन में ईरान के परमाणु संवर्धन पर रोक, ईरान पर अमेरिका के प्रतिबंध और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़े मुद्दे हो सकते हैं. इस ज्ञापन पर अगर समझौता बन जाता है तो दोनों देश इसपर विस्तार रूप से बात करने के लिए 30 दिवसीय वार्ता की शुरूआत करने की घोषणा करेंगे. जो की इस्लामाबाद या फिर जिनेवा में संभव है.

दोनों पक्षों में मुख्य रूप से यूरेनियम इनरिचमेंट पर बातचीत जारी है. इसके अलावा परमामु हथियार से जुडे मुद्दों पर भी चर्चा की जा रही है. साथ ही साथ दुनिया भर में फ्रीज ईरान के अरबों डॉलर को भी अमेरिका रिलीज करेगा. ट्रंप प्रशासन का मानना है कि ईरान में नेतृत्व अभी दो गुट में बंटा हुआ है, नरमपंथी और कट्टरपंथी दोनों सहमत हो जाते हैं तो समझौता संभव है. वहीं अगर यह समझौता फाइनल नहीं होता है तो युद्ध और भी ज्यादा तेज हो सकता है.