अमेरिका ने 8 भारतीयों और 10 भारतीय कंपनियों पर लगाया प्रतिबंध, ट्रंप ने ईरान से ऑयल ट्रेड की दी सजा
US Imposes Sanctions: जिन 10 कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया गया है उनमें पुला की बर्था शिफिंग कंपनी भी शामिल है जिस पर आरोप है कि उसने कोमोरोस के स्वामित्व वाले अपने जहाज का उपयोग करके लगभग 4 मिलियन बैरल ईरानी एलपीजी को चीन तक पहुंचाया.
US Imposes Sanctions: ईरान से तेल मंगाने को लेकर अमेरिका ने आठ भारतीयों और 10 भारतीय कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिया है. अमेरिकी विदेश विभाग ने 40 व्यक्तियों, संस्थाओं और जहाजों के खिलाफ कार्रवाई की जबकि अमेरिकी राजकोष ने 60 संस्थाओं के के खिलाफ कार्रवाई की.
अमेरिकी राजकोष के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय की सूची में नीति उन्मेश भट्ट, कमला के कासट, कुणाल कासट और पूनम कासट (सभी मुंबई के रहने वाले), तमिलनाडु के अयप्पन राजा, तिरूपति के वरुण पुला के अलावा पीयूष मगनलाल जिविया और सोनिया श्रेष्ठ शामिल हैं.
जिन 10 कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया गया है उनमें पुला की बर्था शिफिंग कंपनी भी शामिल है जिस पर आरोप है कि उसने कोमोरोस के स्वामित्व वाले अपने जहाज का उपयोग करके लगभग 4 मिलियन बैरल ईरानी एलपीजी को चीन तक पहुंचाया.
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इसी तरह राजा मार्शल स्थित एवी लाइंस जिसके पास पनामा के झंडे वाला एक जहाज है, ने चीन को 10 लाख बैरल एलपीजी भेजी. भारत स्थित वेगा स्टार शिप के मालिक श्रेष्ठ ने ईरानी एलपीजी को पाकिस्तान ले जाने के लिए कोमोरोस ध्वज नेप्टा का इस्तेमाल किया.
किन कंपनियों पर गिरी गाज
अमेरिकी विदेश विभाग ने एक बयान में कहा कि जनवरी 2024 और जनवरी 2025 के बीच भारत स्थित पेट्रोकेमिकल्स कंपनी सीजे शाह एंड कंपनी ने कई कंपनियों से 44 मिलियन डॉलर मूल्य के ईरानी मूल के पेट्रोकेमिकल उत्पादों का आयात किया. जाविका के स्वामित्व वाली केमोविक पर 7 मिलियन डॉलर मूल्य के ईरानी मूल के पेट्रोकेम का आयात करने का भी आरोप है.
बीके सेल्स कॉर्प ने कथित तौर पर 235 मिलियन डॉलर मूल्य के पेट्रोकेमिकल उत्पादों का आयात किया जबकि मोदी केम ने जनवरी 2024 और फरवरी 2025 के बीच 49 डॉलर मूल्य के ईरानी पेट्रोकेम का आयात किया.