क्या ईरान पर परमाणु हमला करने जा रहे हैं ट्रंप? व्हाइट हाउस ने दी सफाई
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा बातचीत के लिए ईरान को दी गई डेडलाइन अमेरिकी समय के अनुसार आज रात 8 बजे खत्म हो रही है.
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच टकराव एक नए मोड़ पर पहुंच गया है. जहां एक ओर अमेरिका के राष्ट्रपति की कड़ी चेतावनियों ने हालात को और संवेदनशील बना दिया है, वहीं दूसरी ओर व्हाइट हाउस ने ईरान पर परमाणु हमले की खबरों को साफ तौर पर नकार दिया है.
व्हाइट हाउस की सफाई
व्हाइट हाउस ने साफ किया कि ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों के इस्तेमाल पर कोई विचार नहीं किया जा रहा है. यह बयान उस समय आया, जब सोशल मीडिया पर इस तरह की अटकलें तेज हो गई थीं. प्रशासन ने कहा कि उपराष्ट्रपति के बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है और उसमें कहीं भी परमाणु हमले का संकेत नहीं था.
वेंस के बयान पर विवाद
जेडी वेंस के उस बयान के बाद यह विवाद खड़ा हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका के पास ऐसे कई विकल्प हैं, जिनका अब तक उपयोग नहीं किया गया है. इस बयान को लेकर कई लोगों ने आशंका जताई कि इसमें परमाणु विकल्प भी शामिल हो सकता है. हालांकि सरकार ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया.
ट्रंप की कड़ी चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त संदेश देते हुए कहा कि अगर तय समय सीमा तक शर्तें पूरी नहीं हुईं, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे. उन्होंने यहां तक कहा कि पूरी सभ्यता खत्म हो सकती है. उनके इस बयान ने पहले से ही तनावपूर्ण माहौल को और ज्यादा गंभीर बना दिया है.
डेडलाइन का बढ़ता दबाव
अमेरिका ने ईरान के लिए वॉशिंगटन समय के अनुसार रात 8 बजे तक की डेडलाइन तय की है. इस समय तक ईरान को स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज खोलने और समझौते की दिशा में कदम बढ़ाने को कहा गया है. जैसे-जैसे समय बीत रहा है, दोनों देशों के बीच टकराव का खतरा बढ़ता जा रहा है.
वैश्विक स्तर पर बढ़ती चिंता
इस पूरे घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर स्थिति नियंत्रण से बाहर होती है, तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है. खासकर ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार पर इसका गहरा प्रभाव पड़ने की आशंका है.