US Israel Iran War

'ईरान के लिए आज की रात भारी', अमेरिकी रक्षा मंत्री ने कर दिया ये बड़ा ऐलान

अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव और गहरा गया है. अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि मंगलवार को ईरान के खिलाफ सबसे तीव्र हवाई हमले हो सकते हैं, जबकि ईरान ने अमेरिकी चेतावनियों को सख्त लहजे में खारिज किया.

@BRICSinfo
Sagar Bhardwaj

मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच टकराव तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है. अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने संकेत दिया है कि मंगलवार को ईरान के अंदर अब तक के सबसे बड़े और आक्रामक सैन्य हमले हो सकते हैं. पेंटागन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना इस अभियान को और तेज करने की तैयारी में है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान को कड़ी चेतावनी दी है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है.

हमलों का सबसे तीव्र दिन हो सकता है मंगलवार

पेंटागन में पत्रकारों से बात करते हुए रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि मंगलवार का दिन सैन्य अभियान का सबसे तीव्र चरण साबित हो सकता है. उनके मुताबिक आज ईरान के खिलाफ पहले से ज्यादा लड़ाकू विमान और बमवर्षक विमान तैनात किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि अमेरिका का लक्ष्य ईरान के सैन्य ढांचे को कमजोर करना है. अमेरिकी सेना लगातार रणनीति के अनुसार कार्रवाई कर रही है और जरूरत पड़ने पर हमलों की तीव्रता और बढ़ाई जा सकती है.

ईरान की जवाबी क्षमता कमजोर होने का दावा

हेगसेथ ने दावा किया कि पिछले कुछ दिनों में ईरान की सैन्य प्रतिक्रिया कमजोर पड़ती दिख रही है. उन्होंने कहा कि हाल के 24 घंटों में ईरान ने जितनी मिसाइलें दागी हैं, वह उसकी क्षमता के मुकाबले काफी कम हैं. अमेरिकी रक्षा विभाग का मानना है कि लगातार हमलों के कारण ईरान के सैन्य संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है. हालांकि ईरान की ओर से इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

 युद्ध की अवधि पर स्पष्ट जवाब नहीं

जब पत्रकारों ने पूछा कि यह सैन्य अभियान कितने समय तक चल सकता है, तो हेगसेथ ने कोई निश्चित समयसीमा बताने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि इस अभियान की दिशा और गति तय करने का अधिकार पूरी तरह राष्ट्रपति के पास है. उनके शब्दों में, युद्ध की रणनीति और उसके अगले कदमों का फैसला अंततः व्हाइट हाउस करेगा. सेना फिलहाल राष्ट्रपति को कई रणनीतिक विकल्प उपलब्ध करा रही है.

 ट्रंप की सख्त चेतावनी

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को अवरुद्ध करने की कोशिश न करने की चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि यदि ईरान तेल आपूर्ति को रोकने की कोशिश करता है तो अमेरिका पहले से कहीं ज्यादा ताकतवर जवाब देगा. ट्रंप के मुताबिक इस जलमार्ग से गुजरने वाले तेल पर कई देशों की अर्थव्यवस्था निर्भर करती है. उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका ईरान की क्षमताओं को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है.

 ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया

अमेरिका की चेतावनी के बाद ईरान की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है. ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार अली लारीजानी ने सोशल मीडिया पर संदेश जारी कर अमेरिकी बयान को खाली धमकी बताया. उन्होंने कहा कि ईरानी जनता इतिहास में कई ताकतवर विरोधियों का सामना कर चुकी है. उनके अनुसार ईरान किसी भी दबाव से डरने वाला नहीं है और देश अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए तैयार है.