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'ईरान पर हो सकता है परमाणु हमला', यूएन राजनयिक ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया इस्तीफा

संयुक्त राष्ट्र में एक वरिष्ठ राजनयिक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और आरोप लगाया है कि संगठन ईरान में संभावित परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की तैयारी कर रहा है. उन्होंने एक शक्तिशाली लॉबी के दबाव में काम कर रहे वरिष्ठ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में एक वरिष्ठ राजनयिक ने बड़ा दावा करते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उनका कहना है कि यूएन ईरान में संभावित परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की स्थिति की तैयारी कर रहा है. इस गंभीर आरोप के साथ ही उन्होंने अपनी 11 साल लंबी डिप्लोमेटिक सेवा को अलविदा कह दिया.

मोहम्मद सफा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट और पत्र जारी कर यह जानकारी दी. वह 'पैट्रियोटिक विजन अर्गनाइजेशन' (पीवीए) के संयुक्त राष्ट्र में मुख्य प्रतिनिधि थे. यह संस्था यूएन की आर्थिक एवं सामाजिक परिषद (ईकोसोक) में विशेष सलाहकार का दर्जा रखती है. संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) के अनुसार, सफा 2013 से इस संगठन के कार्यकारी निदेशक थे और 2016 में उन्हें यूएन में स्थायी प्रतिनिधि नामित किया गया था.

'यूएन के वरिष्ठ अधिकारी शक्तिशाली लॉबी की सेवा में'

अपने इस्तीफे के पत्र और पोस्ट में सफा ने बताया कि यह निर्णय उन्होंने काफी सोच-विचार के बाद लिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि संयुक्त राष्ट्र के कुछ वरिष्ठ अधिकारी एक शक्तिशाली लॉबी की सेवा कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'मुझे नहीं लगता कि लोग स्थिति की गंभीरता को समझ रहे हैं क्योंकि यूएन ईरान में संभावित परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की तैयारी कर रहा है.'

'डिप्लोमैटिक करियर दांव पर लगाकर लीक की जानकारी'

सफा ने दावा किया कि उन्होंने यह जानकारी लीक करने के लिए अपना राजनयिक करियर दांव पर लगा दिया. उन्होंने लिखा, 'मैंने इस मानवता के खिलाफ अपराध का हिस्सा या गवाह न बनने के लिए अपने कर्तव्यों को निलंबित कर दिया, ताकि बहुत देर होने से पहले परमाणु सर्दी (न्यूक्लियर विंटर) को रोका जा सके.'

अमेरिका के विरोध प्रदर्शन का किया जिक्र

अपने बयान में उन्होंने अमेरिका में पिछले दिन हुए विशाल विरोध प्रदर्शनों का भी जिक्र किया, जहां 'नो किंग्स' (कोई राजा नहीं) के नारे के साथ करीब एक करोड़ लोग सड़कों पर उतरे थे. उन्होंने कहा कि परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की संभावना को बेहद गंभीरता से लिया जाना चाहिए. उन्होंने लोगों से सड़कों पर उतरने और इस खतरे के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया.

'गाजा युद्ध के बाद मिली धमकियां'

सफा ने आरोप लगाया कि वह 2023 में ही इस्तीफा देना चाहते थे. उन्होंने कहा कि अक्टूबर 2023 में हमास के हमले के बाद इजराइल और अमेरिका पर अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन का आरोप लगाने वाले अधिकारियों को यूएन में प्रोत्साहित नहीं किया गया. उनके अनुसार, इस घटना के बाद एक नई विश्व व्यवस्था लागू की गई और उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा.

उन्होंने दावा किया कि उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां मिलीं, और यूएन के वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें सेंसर किया. उनका आरोप है कि ये अधिकारी शक्तिशाली लॉबी की सेवा में अपनी शक्ति का दुरुपयोग कर रहे थे. संयुक्त राष्ट्र की ओर से अब तक इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.