'बेमिसाल हिम्मत...', दुबई के क्राउन प्रिंस ने फ्लाईदुबई के हीरो पायलट स्मित मच्छर से मुलाकात कर की तारीफ

दुबई-तेल अवीव फ्लाइट में को-पायलट के क्रैश ऐक्स से हमले के बावजूद यात्रियों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाने वाले भारतीय पायलट स्मित मच्छर से UAE के क्राउन प्रिंस शेख हमदान ने अबू धाबी में मुलाकात की.

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Km Jaya

दुबई-तेल अवीव फ्लाइट में को-पायलट के हमले का सामना करने वाले भारतीय पायलट स्मित मच्छर से शनिवार को दुबई के क्राउन प्रिंस और UAE के डिप्टी प्रधानमंत्री शेख हमदान बिन मोहम्मद अल मक्तूम ने मुलाकात की. उन्होंने पायलट के साहस और यात्रियों की जान बचाने के लिए उनकी तारीफ की. स्मित मच्छर फिलहाल अबू धाबी में इलाज के बाद स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं.

शेख हमदान ने मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर लिखा कि स्मित मच्छर ने साहस, जिम्मेदारी और इंसानी जिंदगी की परवाह की सर्वोच्च मिसाल पेश की है. उन्होंने कहा कि UAE को गर्व है कि स्मित उसकी टीम और देश की कहानी का हिस्सा हैं. उन्होंने पायलट के प्रति UAE नेतृत्व की सराहना भी व्यक्त की.

फ्लाइट में को-पायलट ने किया हमला

यह घटना बुधवार को दुबई से तेल अवीव जा रही flydubai की फ्लाइट FZ1073 में हुई थी. UAE के अटॉर्नी जनरल कार्यालय के मुताबिक ओमान के को-पायलट ने कॉकपिट में स्मित मच्छर पर क्रैश ऐक्स से हमला किया और विमान का नियंत्रण लेने की कोशिश की. विमान में उस समय 174 यात्री सवार थे.


हमले में घायल होने के बावजूद स्मित मच्छर ने कॉकपिट का दरवाजा खोला और मदद के लिए आवाज लगाई. इसके बाद यात्रियों और क्रू ने हमलावर को काबू कर लिया. रिजर्व क्रू ने विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा. बताया गया कि सऊदी अरब के ऊपर उड़ान के दौरान विमान महज 30 सेकंड से भी कम समय में 14 हजार फीट से ज्यादा नीचे चला गया था. घटना के बाद सऊदी अधिकारियों ने शुरुआती जांच पूरी करने के बाद आरोपी को UAE अधिकारियों को सौंप दिया.

को-पायलट के पुराने रिकॉर्ड की भी जांच

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक आरोपी को हमाम अल-हमामी के रूप में पहचाना गया है. रिपोर्टों में दावा किया गया है कि ओमान में पहले उसे उड़ान भरने से रोका गया था और उसके कथित चरमपंथी विचारों को लेकर चिंता जताई गई थी. बाद में उसने flydubai में नौकरी की.

हालांकि, इस बात की जानकारी सामने नहीं आई है कि एयरलाइन को उसके पुराने रिकॉर्ड के बारे में कितनी जानकारी थी और नियुक्ति से पहले उसकी कितनी विस्तृत जांच की गई थी. मामले की जांच में इन पहलुओं को भी देखा जा रहा है.