मिडिल ईस्ट में की स्थिति दिन- प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है. इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान को निशाना बनाया, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता खत्म हो गई. इस बीच, तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन ने इस हमले की कड़ी निंदा की है.
एर्दोगन ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया और चेतावनी दी है कि अगर यह सिलसिला नहीं रुका तो पूरे क्षेत्र की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी. एर्दोगन की यह प्रतिक्रिया तब दी गई है जब खामेनेई के निधन के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है.
रमजान का महीना चल रहा है. इस दौरान तुर्की की राजधानी अंकारा में रमजान इफ्तार पार्टी का आयोजित किया गया था. इस दौरान राष्ट्रपति एर्दोगन ने ईरान पर हुए हमलों की खुलकर आलोचना की. उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल के इस संयुक्त अभियान ने न केवल ईरान की संप्रभुता का उल्लंघन किया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय नियमों का भी मजाक बनाया है. एर्दोगन ने अमेरिका को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अमेरिकी नेतृत्व वाले इन हमलों को तुरंत रोका नहीं गया तो क्षेत्रीय सुरक्षा पर इसका गहरा असर पड़ेगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि तुर्की अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठा रहा है.
एर्दोगन ने स्पष्ट किया कि तुर्की हमेशा शांति के पक्ष में खड़ा रहा है. किसी भी तरह के खूनखराब को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि युद्धविराम सुनिश्चित करने और शांति बहाल होने तक तुर्की हर स्तर पर कूटनीतिक वार्ताएं जारी रखेगा. राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि तुर्की किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं होने देगा और क्षेत्रीय स्थिरता को प्राथमिकता देगा. इस्तांबुल के इस कार्यक्रम के दौरान एर्दोगन ने अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमलों पर गहरा दुख जताया.
उन्होंने कहा कि इन हमलों से तुर्की बेहद चिंतित है और इन्हें पूरी तरह अस्वीकार करता है. इतना ही नहीं उन्होंने ईरान द्वारा सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और अन्य खाड़ी देशों पर किए गए मिसाइल तथा ड्रोन हमलों की भी निंदा की. एर्दोगन ने कहा कि किसी भी कराण से खाड़ी क्षेत्र में भाई देशों पर ऐसे हमले अस्वीकार्य हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समझदारी से काम नहीं लिया गया तो पूरा क्षेत्र आग की चपेट में आ सकता है.