‘अभी हम खत्म नहीं हुए, जल्द समाप्त होगा अमेरिका-ईरान युद्ध', ट्रंप ने किया दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध बहुत जल्द खत्म होने वाला है. उन्होंने साथ ही चेतावनी दी कि अमेरिका अभी अपना अभियान पूरा नहीं कर चुका है. पाकिस्तान में दूसरा दौर की बातचीत जल्द शुरू हो सकती है.

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Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि ईरान के साथ चल रहा संघर्ष अब समाप्त होने के बेहद करीब पहुंच गया है. उन्होंने फॉक्स बिजनेस को दिए साक्षात्कार में कहा कि युद्ध जल्द खत्म हो जाएगा लेकिन अमेरिका अभी अपना काम पूरा नहीं कर चुका है.

ट्रंप ने साफ किया कि अगर अभी पीछे हट गए तो ईरान को दोबारा खड़ा होने में 20 साल लग जाएंगे. उन्होंने उम्मीद जताई कि ईरान समझौता करने के लिए बहुत उतावला है. इस बयान के साथ ही वाशिंगटन और तेहरान के बीच चल रही कूटनीतिक कोशिशों पर नई उम्मीद जगी है. पाकिस्तान में दूसरे दौर की वार्ता अगले दो दिनों में शुरू हो सकती है.

ट्रंप का आशावादी लेकिन सख्त रुख

ट्रंप ने कहा, 'मुझे लगता है कि यह युद्ध खत्म होने के बहुत करीब है.' लेकिन तुरंत बाद उन्होंने जोड़ा कि अमेरिका अभी अपना अभियान पूरा नहीं कर चुका है. उन्होंने कहा कि अगर अभी सब कुछ छोड़ दिया जाए तो ईरान को अपना देश फिर से बनाने में बीस साल लग जाएंगे. ट्रंप ने ईरान पर आरोप लगाया कि वह परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा था. उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने सैन्य कार्रवाई नहीं की होती तो आज ईरान के पास परमाणु बम होता और पूरा क्षेत्र उसकी शर्तों पर चल रहा होता. ट्रंप का यह बयान युद्ध को समाप्त करने की इच्छा और साथ ही मजबूत स्थिति बनाए रखने के बीच संतुलन दिखाता है.

पाकिस्तान में दूसरे दौर की तैयारी

ट्रंप ने मंगलवार को संकेत दिया था कि ईरान के साथ दूसरे दौर की बातचीत अगले दो दिनों में पाकिस्तान में हो सकती है. पहला दौर इस्लामाबाद में हुआ था लेकिन कोई समझौता नहीं हो सका. ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर दोनों पक्षों के बीच गहरी खाई बनी हुई है. उपराष्ट्रपति जेड वेंस ने भी कहा था कि दोनों देशों के बीच गहरा अविश्वास है जिसे रातोंरात दूर नहीं किया जा सकता. फिर भी ट्रंप ने कहा कि ईरान समझौता करने के लिए बहुत इच्छुक दिख रहा है. पाकिस्तान एक बार फिर उच्चस्तरीय कूटनीति का केंद्र बन गया है.

हार्मुज पर नाकाबंदी और दबाव

पहली वार्ता के टूटने के बाद अमेरिका ने हार्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने वाले जहाजों पर नाकाबंदी लगा दी है. हजारों अमेरिकी सैनिक और कई युद्धपोत इस अभियान में लगे हुए हैं. कई जहाजों को ईरानी पानी में जाने से रोक दिया गया है. ट्रंप ने कहा कि यह कदम ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए उठाया गया है. इससे क्षेत्रीय तनाव बढ़ने और वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा है. नाकाबंदी युद्धविराम की समाप्ति (22 अप्रैल) से पहले वार्ता की जरूरत को और बढ़ा रही है.

परमाणु मुद्दा और भविष्य की चुनौती

ट्रंप ने साफ किया कि अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला इसलिए किया क्योंकि तेहरान परमाणु हथियार हासिल करने की राह पर था. उन्होंने कहा कि यह कदम जरूरी था. ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की थी जिसे ट्रंप ने आश्चर्यजनक बताया था. अब युद्धविराम चल रहा है लेकिन 22 अप्रैल के बाद क्या होगा, यह अभी साफ नहीं है. दोनों पक्ष अभी भी एक-दूसरे पर पूरा भरोसा नहीं कर पा रहे हैं. आने वाले दिन तय करेंगे कि कूटनीति कामयाब होती है या फिर तनाव बढ़कर नया संघर्ष शुरू हो जाता है.