पाकिस्तान झूठ बोल रहा है? ईरान-अमेरिका सीजफायर में लेबनान को शामिल बताने के दावे को ट्रंप ने किया सिरे से खारिज
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा ईरान-अमेरिका सीजफायर में लेबनान को शामिल बताने के दावे को अमेरिका ने सिरे से खारिज कर दिया है.
नई दिल्ली: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सीजफायर वाली घोषणा महज 24 घंटे में ही विवादों में घिर गई है. शरीफ ने लेबनान सहित सभी जगहों पर तुरंत युद्धविराम होने का ऐलान किया था, लेकिन अमेरिका ने इसे साफ तौर पर गलत बता दिया. अमेरिकी नेतृत्व का कहना है कि लेबनान को समझौते में शामिल ही नहीं किया गया था. इस घटनाक्रम से पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका पर सवाल उठ गए हैं और ईरान-इजरायल तनाव एक बार फिर बढ़ गया है.
अमेरिका का साफ इनकार
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बुडापेस्ट में कहा कि ईरान ने गलतफहमी पाल रखी थी. उन्होंने स्पष्ट किया कि सीजफायर केवल ईरान और अमेरिका के सहयोगियों के बीच है, जिसमें लेबनान शामिल नहीं है. राष्ट्रपति ट्रंप ने भी कहा कि हिजबुल्लाह की वजह से लेबनान को समझौते से बाहर रखा गया.
शहबाज शरीफ का दावा और किरकिरी
शहबाज शरीफ ने बुधवार को बड़े उत्साह से घोषणा की थी कि ईरान और अमेरिका लेबनान समेत सभी जगहों पर तुरंत युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं. उन्होंने 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में स्थायी समझौते की बातचीत का भी ऐलान किया था. लेकिन अमेरिका के इनकार से पाकिस्तान की यह घोषणा पूरी तरह फेल हो गई.
इजरायल के हमले जारी, 89 मौतें
सीजफायर घोषणा के कुछ घंटों बाद ही इजरायल ने लेबनान पर भारी हमले किए. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इन हमलों में कम से कम 89 लोग मारे गए और 700 से ज्यादा घायल हुए. प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने भी साफ कहा कि ईरान के साथ समझौता लेबनान पर लागू नहीं होता.
ईरान का जवाबी कदम, होर्मुज बंद
लेबनान पर हमलों के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है. अमेरिका ने इसे तुरंत खोलने की मांग की है. इस कदम से वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है और नाजुक सीजफायर पूरी तरह टूटने की आशंका पैदा हो गई है.
इस्लामाबाद वार्ता पर अनिश्चितता
कल 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में होने वाली स्थायी शांति वार्ता अब अनिश्चित हो गई है. पाकिस्तान की मध्यस्थता पर सवाल उठ रहे हैं. पूरी दुनिया इस बात पर नजर टिकाए हुए है कि टूटते सीजफायर को बचाने के लिए अब कौन क्या कदम उठाता है.