नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान अमेरिका के सामने पूरी तरह हार मान चुका है. उन्होंने गुरुवार को व्हाइट हाउस में किसानों के साथ बैठक में कहा कि ईरान को मजबूरन अमेरिका के साथ समझौता करना पड़ा है. ट्रंप ने कहा, “हमने उन्हें बुरी तरह हराया है. अब हम मजबूत स्थिति में बातचीत कर रहे हैं. ईरान हमारे साथ समझौता करना बहुत चाहता है और हम भी शायद जल्द ही डील कर लेंगे.”
ट्रंप के अनुसार, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका को चिंता थी. अगर ईरान सफल हो जाता तो इजरायल और पूरे मध्य पूर्व के लिए बड़ा खतरा बन जाता. इसलिए अमेरिका को कार्रवाई करनी पड़ी. तीन महीने से ज्यादा चले युद्ध के बाद इस महीने अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता हो गया. दोनों देशों के राष्ट्रपतियों ने 14 सूत्री समझौते पर डिजिटल हस्ताक्षर किए. ट्रंप ने बताया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य अब पूरी तरह खुला है. कल यहां 1.9 करोड़ बैरल तेल निकाला गया, जो अब तक का सबसे ज्यादा है.
दोनों तरफ सभी जगह लड़ाई बंद कर दी गई है (लेबनान समेत)
ईरान ने परमाणु हथियार नहीं बनाने का वादा किया है
ईरान अपना संवर्धित यूरेनियम अंतरराष्ट्रीय एजेंसी को सौंप देगा
अमेरिका ने अपना नौसैनिक ब्लॉकेड हटा लिया
ईरान के फंसे हुए पैसे छोड़ दिए जाएंगे
अमेरिका ईरान को युद्ध से उबरने के लिए आर्थिक मदद देगा
अमेरिका को ईरान की मदद के लिए 87.6 अरब डॉलर अतिरिक्त खर्च की मंजूरी चाहिए. लेकिन डेमोक्रेटिक पार्टी इसकी विरोध कर रही है. उन्होंने युद्ध शुरू से ही इसका विरोध किया था. ट्रंप का कहना है कि अमेरिका अब मजबूत स्थिति में है और ईरान के साथ अच्छा समझौता होने वाला है.