चीन के झिंजियांग में हिमस्खलन के बाद फंसे करीब 1000 पर्यटक, बर्फबारी बनी रेस्क्यू में बाधा
चीनी मीडिया के अनुसार, हेमू गांव में आटा और ईंधन जैसी आपूर्ति भेजने के लिए मंगलवार सुबह एक हेलीकॉप्टर भेजा जाना था, लेकिन मौसम की वजह से इसे भेजे जाने में देरी हुई. हाइवे मैनेजमेंट के अधिकारियों के मुताबिक, बचाव और राहत कार्य के लिए 53 कर्मियों और मशीनरी के साथ-साथ उपकरणों के 31 सेट की व्यवस्था की गई है.
Tourists trapped in Xinjiang Hemu village near Kazakhstan borders: चीन के झिंजियांग में हिमस्खलन की चपेट में आने से करीब 1,000 पर्यटक फंस गए हैं. जानकारी के मुताबिक, कजाकिस्तान बॉर्डर के पास अल्ताई प्रांत के हेमू गांव में फंसे पर्यटकों के रेस्क्यू में मौसम बाधा बन रही है. बताया जा रहा है कि जहां पर्यटक फंसे हुए हैं, वो इलाका कजाकिस्तान, रूस और मंगोलिया की सीमा से सटा है और काफी खूबसूरत है. यहां के कुछ इलाकों में पिछले 10 दिनों से लगातार बर्फबारी हो रही थी.
चीनी राज्य मीडिया के मुताबिक, भारी बर्फबारी के कारण नेशनल हाइवे पर कई जगहों पर हिमस्खलन हुआ. बताया जा रहा है कि हिमस्खलन की सूचना के बाद तुंरत हेलीकॉप्टर की मदद से कुछ पर्यटकों को सुरक्षित निकाल लिया गया. हिमस्खलन के कारण बर्फ का ढेर लग गया था. कई जगहों पर बर्फ की ऊंचाई इसे हटाने वाले मशीनों से ज्यादा थी.
पिछले 10 दिनों पहले शुरू हुई बर्फबारी के बाद सड़कों से बर्फ को हटाने का काम एक सप्ताह पहले ही शुरू हो गया था. लेकिन इस काम में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. फिलहाल, फंसे हुए पर्यटकों तक पहुंचने के लिए सड़कों पर से बर्फ हटाने का काम जारी है. कहा जा रहा है कि मौसम साफ होने की स्थिति में हेलीकॉप्टर से फंसे पर्यटकों का रेस्क्यू किया जा सकता है.
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हेलीकॉप्टर से राशन आदि भेजने की तैयारी
चीनी मीडिया के अनुसार, हेमू गांव में आटा और ईंधन जैसी आपूर्ति भेजने के लिए मंगलवार सुबह एक हेलीकॉप्टर भेजा जाना था, लेकिन मौसम की वजह से इसे भेजे जाने में देरी हुई. हाइवे मैनेजमेंट के अधिकारियों के मुताबिक, बचाव और राहत कार्य के लिए 53 कर्मियों और मशीनरी के साथ-साथ उपकरणों के 31 सेट की व्यवस्था की गई है.
हाईवे मैनेजमेंट ब्यूरो के चीफ झाओ जिनशेंग ने बताया कि हिमस्खलन की ये स्थिति उम्मीदों के विपरीत है. हमने इससे पहले इतनी भयंकर बर्फबारी नहीं देखी. झाओ ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि हिमस्खलन से प्रभावित सड़क के अंतिम चार किलोमीटर में फैली बर्फ को हटाने के बाद हेमू गांव तक पहुंच आसान हो जाएगी. फिलहाल, सड़क से बर्फ हटाना जारी है.