ऊंटों पर सवार होकर पहुंचे RSF लड़ाके, मासूमों पर ताबड़तोड़ करने लगे हमले! चश्मदीदों ने बताया आंखों देखा हाल

सूडान में चल रहा गृहयुद्ध अब भयावह रूप लेता जा रहा है. RSF के लड़ाकों ने सैकड़ों निहत्थे लोगों को महिलाओं से अलग कर के गोली मार दी.

AI Grook
Shanu Sharma

नई दिल्ली: सूडान के अल-फशीर शहर के पास रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) के लड़ाकों ने सैकड़ों निहत्थे लोगों को घेरकर गोली मार दी. चश्मदीदों ने बताया कि ऊंटों पर सवार हमलावरों ने पुरुषों को महिलाओं से अलग किया और जलाशय के पास ले जाकर हत्या की. संयुक्त राष्ट्र ने इसे युद्ध अपराध बताया. हालांकि RSF ने आरोप खारिज किए, लेकिन वीडियो सबूत सामने आए हैं.

सूडान में चल रहे गृहयुद्ध ने एक बार फिर इंसानियत को शर्मसार कर दिया. अल-फशीर के पास बीते दिनों जो कुछ हुआ, वह किसी भी सभ्य समाज के लिए कलंक है. निहत्थे लोग, जो सिर्फ अपनी जान बचाने की कोशिश कर रहे थे, उन्हें नस्लीय गालियां देकर मौत के घाट उतार दिया गया.

मानवाधिकार ने पहले ही दी थी चेतावनी

मानवाधिकार संगठनों ने महीनों पहले चेताया था कि अगर RSF ने अल-फशीर पर कब्जा किया, तो नस्लीय आधार पर हत्याएं होंगी. संयुक्त राष्ट्र ने शुक्रवार को कहा कि सैकड़ों नागरिक और निहत्थे लड़ाके मारे गए. विश्लेषक इसे डारफुर के इतिहास की पुनरावृत्ति बता रहे हैं, जहां पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं.

RSF ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. संगठन का कहना है कि ये दुष्प्रचार है और विरोधी इसे हवा दे रहे हैं. अल-फशीर पर कब्जा उनके लिए रणनीतिक जीत है. रॉयटर्स ने तीन वीडियो सत्यापित किए हैं, जिनमें RSF के लोग कैदियों को गोली मारते दिख रहे हैं. दर्जनों शवों के वीडियो भी वायरल हैं. 

RSF की क्या है प्रतिक्रिया?

RSF के वरिष्ठ कमांडर ने कहा कि सेना अपनी हार छिपाने के लिए झूठ फैला रही है. मीडिया बात को बढ़ा-चढ़ाकर दिखा रहा है. उन्होंने दावा किया कि कुछ सैनिक नागरिक बनकर भाग रहे थे, इसलिए पूछताछ हुई. नेतृत्व ने उल्लंघन की जांच के आदेश दिए हैं और कुछ लोग गिरफ्तार भी हुए हैं. कोई सुनियोजित हत्या नहीं हुई. चश्मदीद अलखैर इस्माइल ने बताया कि हमलावरों ने उन्हें स्कूल के दोस्त की वजह से छोड़ दिया, लेकिन बाकियों को मार डाला. वे खाना लेकर रिश्तेदारों के पास जा रहे थे. चार गवाहों ने एक ही कहानी दोहराई है. राहतकर्मियों का कहना है कि स्थिति भयावह है. हजारों लोग अब भी फंसे हैं और मदद का इंतजार कर रहे हैं.