होर्मुज में बारूदी सुरंगों के बीच कैसे की डाइविंग? भारतीय गोतोखोर ने बताए जमीनी हालात
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय गोताखोर बक्स खुराना ने वहां डाइविंग का अनुभव साझा किया. वहीं समुद्र में बारूदी सुरंगों की मौजूदगी और उन्हें हटाने की जटिल प्रक्रिया ने खतरे को और गंभीर बना दिया है.
नई दिल्ली: भारतीय फ्री डाइवर बक्स खुराना हाल ही में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में डाइविंग के लिए पहुंचे थे. युद्ध जैसे माहौल के बावजूद वे यहां तीन साल से ट्रेनिंग के लिए आते रहे हैं. उन्होंने बताया कि इस बार वे ट्रेनिंग पूरी नहीं कर सके. माइंस की मौजूदगी के सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं थी और यह बात उन्होंने पहली बार मीडिया के जरिए सुनी.
बक्स के अनुसार, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज करीब एक किलोमीटर तक गहरा है. उन्होंने बताया कि 30-40 मीटर तक के पानी में बड़े जहाज नहीं जाते, लेकिन अधिक गहराई वाले हिस्सों में भारी जहाजों की आवाजाही होती है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर उन्हें माइंस के बारे में पहले से पता होता, तो वे वहां जाने का जोखिम नहीं लेते. इस क्षेत्र में कोरल और डॉलफिन जैसी समुद्री जीव भी मौजूद हैं.
समंदर में बारूदी सुरंगें क्या होती हैं?
समुद्र में बारूदी सुरंगें मुख्य रूप से दो प्रकार की होती हैं. पहली मोर्ड माइन्स, जो समुद्र तल से केबल के जरिए बंधी रहती हैं और सतह के पास तैरती हैं. दूसरी बॉटम माइन्स, जो समुद्र के तल पर पड़ी रहती हैं और जहाज के चुंबकीय क्षेत्र, आवाज या दबाव से फट जाती हैं. ये दोनों ही प्रकार जहाजों के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं.
माइन्स हटाने की जटिल प्रक्रिया
इन सुरंगों को हटाने के लिए माइन्स स्वीपिंग की प्रक्रिया अपनाई जाती है. मैकेनिकल स्वीपिंग में तार काटकर माइन्स को ऊपर लाया जाता है और फिर नष्ट किया जाता है. वहीं इन्फ्लुएंस स्वीपिंग में नकली संकेत देकर माइन्स को खुद ही विस्फोट करने के लिए मजबूर किया जाता है. इस पूरी प्रक्रिया में हाई-रेजोल्यूशन सोनार और अंडरवाटर ड्रोन का इस्तेमाल किया जाता है.
ईरान की रणनीति और बढ़ती चुनौती
अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि ईरान ने समुद्री माइन्स को अनियमित तरीके से बिछाया है और कई का रिकॉर्ड भी नहीं रखा गया. कुछ माइन्स बहकर अपनी जगह से हट गई हैं, जिससे उनका पता लगाना मुश्किल हो गया है. ईरान की IRGC ने चेतावनी दी है कि जहाज इन सुरंगों से टकरा सकते हैं. हालांकि कुछ सुरक्षित रास्ते बताए गए हैं, लेकिन वे बेहद सीमित हैं.
छोटी नावें और सुरक्षा की चुनौती
ईरान के पास सैकड़ों छोटी नावें हैं, जो समुद्री गतिविधियों को प्रभावित कर सकती हैं या नई माइन्स बिछा सकती हैं. अमेरिका ने कई बड़े जहाज और ठिकाने नष्ट किए हैं, लेकिन इन छोटी नावों को पूरी तरह खत्म करना मुश्किल साबित हो रहा है. इससे समुद्री सुरक्षा की चुनौती और बढ़ गई है.