ईरान और अमेरिका को बातचीत के लिए बुलाकर सऊदी-तुर्की जा रहे शहबाज शरीफ, क्या करना चाह रहा पाकिस्तान?

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को शांत कराने की दिशा में पाकिस्तान सबसे ज्यादा एक्टिव है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इस सप्ताह सऊदी अरब और तुर्किये का दौरा कर रहे हैं. उन्होंने ईरान और अमेरिका को बातचीत के लिए भी बुलाया है.

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Shanu Sharma

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम करने के लिए शांति वार्ता शुरू कराने की कोशिशें एक बार फिर तेज हो गई हैं. पाकिस्तान इस प्रक्रिया में सबसे ज्यादा एक्टिव है. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इस सप्ताह सऊदी अरब और तुर्किये का दौरा कर रहे हैं. 

शहबाज शरीफ ने एक तरफ ईरान-अमेरिका को बातचीत के लिए बुलाया है, वहीं दूसरी ओर सऊदी-तु्र्की का दौरा कर रहे हैं. पाक पीएम का यह दौरा मध्यस्थ देशों को एक साथ लाने के लिए किया गया हैं, ताकि दोनों देशों के बीच दूसरा दौर की बातचीत को गति दी जा सके.

क्या कर रहा पाकिस्तान?

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने मंगलवार को जारी एक बयान में बताया कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उन्हें इस महत्वपूर्ण पहल की पूरी जानकारी दी है. राष्ट्रपति ने शरीफ और संबंधित अधिकारियों से अपील की है कि वे अमेरिका, ईरान तथा अन्य प्रमुख देशों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखें. उनका लक्ष्य है कि क्षेत्रीय शांति प्रक्रिया को मजबूत किया जाए और किसी भी प्रकार की गलतफहमी को दूर किया जाए.

प्रधानमंत्री शरीफ की यह यात्रा इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि पाकिस्तान दोनों पक्षों के साथ अच्छे संबंध रखता है. सूत्रों का कहना है कि सऊदी अरब और तुर्किये जैसे प्रभावशाली देशों की मदद से बातचीत के रास्ते और सुगम बनाए जा सकते हैं. हाल ही में इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई 21 घंटे लंबी वार्ता कोई ठोस नतीजा नहीं दे पाई थी. इसके बावजूद, अब नई उम्मीदें जगी हैं.

अमेरिका-ईरान के बीच शांति की उम्मीद

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि आने वाले दो दिनों में वार्ता का नया दौर शुरू हो सकता है. ट्रंप ने पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका की सराहना की और खासतौर पर पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की तारीफ करते हुए उनकी भूमिका को अहम बताया. उन्होंने संभावना जताई कि अगली बैठक पाकिस्तान में ही हो सकती है. सूत्रों के अनुसार, अमेरिका और ईरान दोनों ही नए दौर की वार्ता के लिए तैयार दिख रहे हैं. हालांकि, बैठक की तारीख, स्थान और प्रतिनिधिमंडल की संरचना अभी अंतिम रूप से तय नहीं हुई है. इस्लामाबाद के अलावा जिनेवा को भी संभावित मेजबान शहर के रूप में देखा जा रहा है.