हूती हमले से सहमा सऊदी: बंकरों में शिफ्ट हो रहे प्रिंस, देशभर में अलर्ट; 5 प्वाइंट में समझें हालात
सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच बढ़ते तनाव ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और उनकी लोकेशन भी बदली जा रही है.
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब की सुरक्षा व्यवस्था चर्चा में है. यमन के हूती विद्रोहियों के हमलों और आगे के हमलों की चेतावनियों के बीच सऊदी अरब में सतर्कता बढ़ाए जाने की खबरें सामने आई हैं. इस बीच, क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की सुरक्षा को लेकर भी कई दावे किए जा रहे हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी आवाजाही और सुरक्षा इंतजामों में बदलाव किया गया है. सऊदी अरब ने मिसाइल और ड्रोन से जुड़ी संवेदनशील जानकारी साझा करने वालों को भी चेतावनी दी है.
1. बंकरों वाले महलों में रखे जा रहे क्राउन प्रिंस
द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि उन्हें बंकरों की सुविधा वाले कड़ी सुरक्षा से लैस महलों के बीच स्थानांतरित किया जा रहा है. उनकी सुरक्षा के लिए विशेष रूप से चुनी गई टीम भी तैनात की गई है. रिपोर्ट के अनुसार, वह करीब एक सप्ताह से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं.
2. हूतियों के हमलों और चेतावनियों से बढ़ी चिंता
सऊदी अरब में हूती विद्रोहियों के हमलों को लेकर गंभीर दावे सामने आए हैं. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, किंग खालिद एयरपोर्ट पर हुए एक घातक हमले में 13 लोगों की मौत हुई और 300 से अधिक लोग घायल हुए. हूतियों की ओर से आगे भी हमले किए जाने की चेतावनी दिए जाने की बात कही गई है. इन घटनाओं के बीच सऊदी अरब की सुरक्षा व्यवस्था और आम लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है.
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3. मिसाइल और ड्रोन की तस्वीरें साझा करने पर सख्ती
सऊदी अरब ने छह भाषाओं में संदेश जारी कर लोगों को चेतावनी दी है कि मिसाइलों और ड्रोन को रोकने की कार्रवाई या उनके गिरने वाली जगहों से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो साझा करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है. ऐसे मामलों में गिरफ्तारी भी संभव है. सिविल डिफेंस अथॉरिटी ने लोगों से अपील की है कि वे हमलों से जुड़ी अपुष्ट सूचनाएं, तस्वीरें और अफवाहें सोशल मीडिया पर साझा करने से बचें.
4. हमलों के बीच अर्ली वॉर्निंग सिस्टम पर सवाल
सऊदी अरब ने मई में नेशनल अर्ली वॉर्निंग सिस्टम के जरिए मोबाइल फोन और सोशल मीडिया खातों पर खतरे से जुड़े अलर्ट भेजने शुरू किए थे. लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले सप्ताह हूती हमलों में तेजी के बावजूद इस सिस्टम से कोई अलर्ट जारी नहीं हुआ. सिविल डिफेंस अथॉरिटी के एक्स खाते पर मौजूद पोस्ट के अनुसार, हमलों से पहले आखिरी अलर्ट 29 सितंबर को दक्षिणी प्रांत नज्रान के लिए जारी किया गया था. अलर्ट नहीं आने की वजह स्पष्ट नहीं है.
5. खराब मौसम को लेकर भी लोगों को चेतावनी
सऊदी अरब की सिविल डिफेंस अथॉरिटी लोगों को सुरक्षा के साथ-साथ खराब मौसम को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दे रही है. बारिश और बाढ़ जैसी परिस्थितियों के मद्देनजर सोमवार को भी चेतावनी जारी किए जाने की जानकारी सामने आई.