UK का यूक्रेन को मिल रहा समर्थन, रूस के खिलाफ आतंकी हमलों में विदेश मंत्री लावरोव ने मदद का लगाया आरोप

विदेश मंत्री लावरोव ने कहा, "आतंकवादी खतरे के बढ़ने का खतरा है, हम उन्हें देखते हैं, और हम उन्हें दबाने तथा अपने नागरिकों को नुकसान न पहुंचाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे.

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Mayank Tiwari

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने 9 जून 2025 को फोरम ऑफ द फ्यूचर  2050 में सनसनीखेज दावा किया है. इस दौरान सर्गेई लावरोव ने कहा कि  यूनाइटेड किंगडम यूक्रेन को रूस के खिलाफ आतंकी हमलों में शत-प्रतिशत सहायता प्रदान कर रहा है. यह बयान रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच तनाव को और बढ़ाने वाला है.

आतंकी खतरों पर रूस की चेतावनी

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने आतंकी खतरों में वृद्धि की आशंका जताते हुए कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने कहा, “आतंकी खतरे में वृद्धि के जोखिम हैं, हम इन्हें देख रहे हैं, और हम अपने नागरिकों को नुकसान पहुंचाए बिना इनका दमन करने के लिए सब कुछ करेंगे.” उन्होंने जोर देकर कहा कि यूक्रेन की सरकार संघर्ष की शुरुआत से ही विभिन्न रूपों में आतंकी तरीकों का उपयोग कर रही.

हाल के हमलों का रूसी विदेश मंत्री ने किया जिक्र

लावरोव के बयान से पहले, 31 मई को ब्रायंस्क क्षेत्र में एक पुल ढह गया, जब उस पर कारें और क्लिमोव-मॉस्को यात्री ट्रेन गुजर रही थी. इसके अगले दिन, 1 जून को कुर्स्क क्षेत्र में एक मालगाड़ी के गुजरने के दौरान एक अन्य पुल ढह गया. इन घटनाओं ने रूस में सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है.

पुतिन का बयान और शोक

बीते 4 जून को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सरकार के साथ बैठक में इन घटनाओं को नागरिकों पर लक्षित हमला करार दिया. उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, “यह एक सुनियोजित हमला था. पुतिन ने मृतकों के परिजनों के लिए गहरी शोक संवेदना जताई और जांच के आदेश दिए.

रूस के इस बयान से क्या पड़ेगा अंतरराष्ट्रीय प्रभाव

लावरोव का यह दावा यूके और यूक्रेन के खिलाफ रूस के रुख को और सख्त करता है. यह बयान वैश्विक कूटनीति में नए तनाव पैदा कर सकता है, खासकर जब रूस-यूक्रेन संघर्ष पहले से ही जटिल है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह आरोप पश्चिमी देशों के साथ रूस के संबंधों को और प्रभावित कर सकता है.