Russia Ukraine War: रूस ने यूक्रेन के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर मचाई तबाही, 200 से ज्यादा मिसाइल-ड्रोन दागे

रूस द्वारा किए गए इस बड़े हमले ने यूक्रेन के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं. राष्ट्रपति जेलेंस्की का कहना है कि इस हमले से यूक्रेन की भावना टूटने वाली नहीं है और वे अपनी ऊर्जा अवसंरचना को पुनर्निर्माण और सुधार के लिए तैयार हैं.

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Mayank Tiwari

Russia-Ukraine War: रूस ने यूक्रेन पर भीषण हमले किए हैं. रूस ने इन हमलों में दर्जनों क्रूज मिसाइलों और ड्रोन्स का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया है.रूसी सेना ने यूक्रेन के ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया है. इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने हाल ही में बताया कि रूस ने यूक्रेन की ऊर्जा अवसंरचना पर एक विशाल हमले को अंजाम दिया है, जिसमें 93 मिसाइलों और 200 ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। यह हमला अब तक के सबसे बड़े हमलों में से एक माना जा रहा है.

दरअसल, रूस के इस हमले ने यूक्रेन की ऊर्जा आपूर्ति और बुनियादी ढांचे को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है. राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि यह हमला यूक्रेन के लिए एक नई चुनौती पेश करता है, क्योंकि यह उनकी ऊर्जा प्रणाली पर दबाव डालने के लिए रूस का एक सुनियोजित प्रयास था. हमले में कई प्रमुख ऊर्जा संयंत्रों और पावर ग्रिड को निशाना बनाया गया, जिससे पूरे देश में बिजली की आपूर्ति प्रभावित हुई है.

यूक्रेन ने रूस के हमले की दी प्रतिक्रिया

यूक्रेन की सेना और सुरक्षा बलों ने इस हमले का मुकाबला करने की पूरी कोशिश की, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर आक्रमण के बावजूद, उनकी ऊर्जा अवसंरचना पर इसका गहरा असर पड़ा. राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इस हमले को एक "आत्मघाती रणनीति" करार दिया, जो यूक्रेन की जनता को मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर करने के लिए की गई थी.

अंतरराष्ट्रीय समुदाय में भी चिंता पैदा  

यूक्रेन पर हुए इस हमले ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में भी चिंता पैदा कर दी है. पश्चिमी देशों और संयुक्त राष्ट्र ने इस हमले की कड़ी निंदा की और रूस से इसे तुरंत रोकने की अपील की. कई देशों ने यूक्रेन को ऊर्जा संकट से निपटने में मदद देने की बात की है और रूस के खिलाफ सख्त प्रतिबंधों की आवश्यकता को भी महसूस किया है.