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'...तो सिर्फ तीन दिन में यूक्रेन हमारा होगा और पश्चिम कुछ नहीं कर पाएगा', पुतिन के करीबी की चेतावनी

Russia Ukraine War: एक शीर्ष अधिकारी व्लादिमीर सोलोवियोव ने कहा कि हम मात्र तीन दिन में यूक्रेन पर कब्जा कर सकते हैं और पश्चिम भी हमारे हमलों का जबाव नहीं दे पाएगा क्योंकि उसके लिए ऐसा करना असंभव है.

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Sagar Bhardwaj

Russia Ukraine War: रूसी सरकार के प्रचार विभाग के एक शीर्ष अधिकारी व्लादिमीर सोलोवियोव ने चेतावनी दी है कि पुतिन को रूस पर परमाणु हमले की जिद छोड़कर यूक्रेन की राजधानी कीव पर हमले का रास्ता साफ करना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर पुतिन आदेश देते हैं तो मात्र तीन दिन के भीतर पूरा यूक्रेन हमारे कब्जे में होगा. उन्होंने कहा कि अगर रूस चाहे तो इस धरती से कीव का नामोनिशान मिट जाएगा.

एक रेडियो शो में सोलोवियोव ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो ऐसा होकर रहेगा. उन्होंने कहा कि सामरिक परमाणु हथियार हमारे सैनिकों के लिए  बहुत तेजी से और बहुत प्रभावी ढंग से रास्ता खोल सकते हैं और इसके बाद पश्चिम चींखने लगेगा. उन्होंने कहा कि युद्ध कला का उद्देश्य केवल नागरिकों को बचाना नहीं होता बल्कि अपने घोषित लक्ष्यों की प्राप्ति भी होता है.

धरती से समाप्त हो जाएगा यूक्रेन का अस्तित्व

पुतिन के करीबी ने कहा कि वह धरती भविष्य में रहने लायक तो नहीं बचेगी लेकिन हम उस पर बहुत जल्द कब्जा कर सकते हैं. यह पूछे जाने पर कि क्या यूक्रेन पर तीन दिन में कब्जा संभव है? इस पर उन्होंने कहा कि हां बिल्कुल, लेकिन इससे कीव का इस धरती से अस्तित्व समाप्त हो जाएगा और वहां रूस का झंडा लहरा रहा होगा. उन्होंने कहा कि यूक्रेन के पास हमारा मुकाबला करने की क्षमता नहीं है.

विजेता ही इतिहास की किताब लिखते हैं

सोलोवयोव ने कहा कि पश्चिम भी रूस के हमलों का जवाब नहीं दे पाएगा क्योंकि पश्चिम जानता है कि ऐसा करना उनके लिए असंभव है. उन्होंने कहा कि मैं बिना किसी हिचकिचाहट के कह सकता हूं कि हमारे सैनिकों में वह क्षमता है. हमें यह ऐहसास है कि विजेता ही इतिहास की किताब लिखते हैं.

दुश्मन को खत्म करना ही होगा

मौसम विज्ञानी एवगेनी टिश्कोवेट्स ने भी उनकी बात का समर्थन करते हुए कहा कि हमें अपने दुश्मन को खत्म करने के लिए और उन्हें कीड़े मकोड़े की स्थिति में पहुंचाने के लिए तुरुप के इक्के का इस्तेमाल करना ही होगा ताकि आने वाले हजार सालों तक कोई पूर्व की तरफ आंख उठाकर देख ना सके और रूस की पवित्र भूमि पर अतिक्रमण ना कर सके.