कतर के गैस प्लांट में भीषण धमाका, 13 की मौत; 66 लोग घायल

कतर के रास लाफान औद्योगिक क्षेत्र स्थित गैस प्रोसेसिंग प्लांट में हुए धमाके में 13 लोगों की मौत हो गई और 66 लोग घायल हुए हैं. हादसे में भारतीय और पाकिस्तानी नागरिक भी प्रभावित हुए हैं.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: कतर के ऊर्जा क्षेत्र से सोमवार को एक दुखद खबर सामने आई, जब रास लाफान औद्योगिक क्षेत्र में स्थित प्रमुख गैस प्रोसेसिंग सुविधा में हुए धमाके ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया. इस हादसे में 13 लोगों की जान चली गई, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं. अधिकारियों ने इसे औद्योगिक दुर्घटना बताया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है. घटना ऐसे समय हुई है जब कतर हालिया क्षेत्रीय तनाव के बाद अपने ऊर्जा संचालन को सामान्य बनाने की दिशा में प्रयास कर रहा है.

रविवार रात हुए इस धमाके के बाद पूरे औद्योगिक क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. ऊर्जा मंत्री साद शेरिदा अल-काबी ने बताया कि मृतकों में भारतीय और पाकिस्तानी नागरिक शामिल हैं. हादसे में घायल हुए 66 लोगों का इलाज जारी है. अधिकारियों के अनुसार घायलों की हालत स्थिर है और किसी की स्थिति गंभीर नहीं बताई गई है.

जांच में जुटी कतर सरकार

कतर सरकार ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं. ऊर्जा मंत्री ने स्पष्ट किया कि शुरुआती जांच में किसी हमले या तोड़फोड़ के संकेत नहीं मिले हैं. उनके अनुसार यह एक औद्योगिक दुर्घटना प्रतीत होती है. विशेषज्ञों की टीम दुर्घटना के कारणों और प्लांट को हुए नुकसान का विस्तृत आकलन कर रही है.


भारतीय दूतावास ने जारी की सहायता जानकारी

दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने हादसे पर गहरी चिंता जताई है. दूतावास ने कहा कि वह स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है और स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है. प्रभावित भारतीय नागरिकों और उनके परिजनों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर और ईमेल सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है.

ऊर्जा आपूर्ति पर असर नहीं

अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि इस घटना का कतर की ऊर्जा आपूर्ति या निर्यात क्षमता पर कोई असर नहीं पड़ेगा. बरजान गैस सुविधा देश की घरेलू ऊर्जा जरूरतों में अहम भूमिका निभाती है. सरकार का कहना है कि मरम्मत कार्य पूरा होने तक वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए आपूर्ति बनाए रखी जाएगी.

वैश्विक बाजार की बढ़ी चिंता

कतर दुनिया के सबसे बड़े प्राकृतिक गैस उत्पादक देशों में शामिल है. ऐसे में इस हादसे के बाद अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ गई है. हालांकि कतर सरकार ने स्पष्ट किया है कि एलएनजी निर्यात और घरेलू खपत दोनों सुरक्षित हैं. इसके बावजूद वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र की नजरें अब जांच रिपोर्ट और प्लांट की बहाली पर टिकी हुई हैं.