पुतिन ने कर ली तीसरे विश्व युद्ध की तैयारी! यूरोप पर न्यूक्लियर हमले में होंगी 2.6 लाख मौतें

रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते रूस और यूरोप में संबंध लगातार तनावपूर्ण होते जा रहे हैं. ऐसी आशंका जताई जा रही है कि यूक्रेन के बाद रूस यूरोप पर परमाणु हमला कर सकता है.

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Sagar Bhardwaj

रूस-यूरोप के बीच लगातार बढ़ते तनाव के बीच ऐसी आशंका जताई जा रही है कि रूस यूरोप पर परमाणु हमला कर सकता है. मास्को से हालिया चेतावनियों ने हालात को और गंभीर बना दिया है, खासकर तब जब रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने यूरोप पर हमले की संभावित शर्तों का जिक्र किया. इसी बीच, एक सिमुलेशन मैप ने तीन ब्रिटिश शहरों पर हमले के बाद के सम्भावित विनाशकारी परिणामों को उजागर किया है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति विश्व सुरक्षा के लिए बेहद चिंताजनक है.

 रूस की नई धमकी ने बढ़ाई चिंता

लावरोव ने ब्रिटेन और यूरोपीय देशों की आलोचना करते हुए कहा कि कुछ परिस्थितियों में रूस हमला करने को मजबूर हो सकता है. रूसी टीवी पर भी ब्रिटेन को “अगला लक्ष्य” बताया गया. रिपोर्टों के अनुसार, कई रूसी अधिकारी हाल के सप्ताहों में लगातार धमकी भरे बयान दे रहे हैं.

यूरोप के इन तीन ठिकानों पर हमला कर सकता है रूस

एक इंटरएक्टिव सिमुलेशन NUKEMAP के अनुसार, यूके के तीन स्थान प्लायमाउथ, टेल्फर्ड और बैरो-इन-फर्नेस हमले की स्थिति में भारी तबाही झेल सकते हैं. इन इलाकों में महत्वपूर्ण सैन्य केंद्र हैं, जिन्हें रूस के संभावित लक्ष्य के रूप में देखा जा रहा है.

 प्लायमाउथ पर हमला हुआ तो होंगी 1.33 लाख मौतें

अगर रूस यूक्रेन पर हमले के दौरान 800-किलोटन टोपोल हथियार का उपयोग करता है तो प्लायमाउथ में 1.33 लाख मौतें और 85 हजार से अधिक घायल हो सकते हैं. इस स्थिति में थर्मल रेडिएशन लगभग 300 वर्ग किलोमीटर तक फैल सकती है, जबकि धमाके का असर सैकड़ों मील दूर तक पहुंच सकता है.

 टेल्फर्ड पर हमला हुआ तो मचेगी तबाही

डॉनिंगटन स्थित रक्षा केंद्र के कारण टेल्फर्ड भी संभावित लक्ष्य माना गया है. अगर यहां परमाणु हमला हुआ तो अनुमान है कि 71,350 लोगों की मौत और 49,000 से अधिक घायल होंगे. नक्शे के अनुसार, धमाके का असर उत्तर-पूर्व दिशा में समुद्र तक पहुंच सकता है.

 बैरो-इन-फर्नेस पर हमले की स्थिति में 54 हजार मौतें 

न्यूक्लियर पनडुब्बी निर्माण केंद्र होने के कारण यह क्षेत्र भी संवेदनशील है. यहां हमले की स्थिति में 54,060 मौतें हो सकती हैं. तीनों स्थानों को मिलाकर कुल अनुमानित मौतों की संख्या 2,58,920 तक पहुँचती है, जो इस खतरे की गंभीरता को स्पष्ट करती है.