लंदन में बवाल... नए कानून के खिलाफ सड़कों पर उतरे फिलिस्तीन समर्थक, पुलिस ने गिरफ्तार किए 365 लोग
Palestine Protesters In London: 9 अगस्त 2025 को ब्रिटेन की राजधानी लंदन में पैलेस्टाइन एक्शन समूह पर लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुआ है. इस नए कानून को चुनौती देने और सरकार पर पुनर्विचार के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से सैकड़ों लोग संसद भवन के बाहर पार्लियामेंट स्क्वायर पर जमा हुए.
Palestine Protesters In London: ब्रिटेन की राजधानी लंदन में शनिवार, 9 अगस्त 2025 को पैलेस्टाइन एक्शन समूह पर लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुआ है. इस नए कानून को चुनौती देने और सरकार पर पुनर्विचार के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से सैकड़ों लोग संसद भवन के बाहर पार्लियामेंट स्क्वायर पर जमा हुए. प्रदर्शनकारियों ने जानबूझकर कानून का उल्लंघन किया, जिसके चलते लंदन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने 365 लोगों को गिरफ्तार किया है.
जुलाई 2025 में ब्रिटिश संसद ने पैलेस्टाइन एक्शन को आतंकी संगठन घोषित करते हुए उस पर बैन लगाने वाला कानून पारित किया था. यह कदम तब उठाया गया जब समूह के कार्यकर्ताओं ने 20 जून को ऑक्सफोर्डशायर में रॉयल एयर फोर्स (RAF) के ब्रिज नॉर्टन बेस में घुसकर दो टैंकर विमानों पर लाल रंग का पेंट छिड़का और लोहे की रॉड से नुकसान पहुंचाया. कार्यकर्ताओं का कहना था कि यह कदम ब्रिटेन द्वारा इजराइल-हमास युद्ध में इजराइल को दिए जा रहे सैन्य समर्थन के विरोध में उठाया गया था.
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सवाल
प्रदर्शनकारियों और समूह के समर्थकों का तर्क है कि यह कानून अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अवैध रूप से रोक लगाता है. शनिवार को 500 से अधिक लोग पार्लियामेंट स्क्वायर पर जमा हुए, जिनमें से कई ने तख्तियां थाम रखी थीं, जिन पर लिखा था, 'मैं नरसंहार का विरोध करता हूं. मैं पैलेस्टाइन एक्शन का समर्थन करता हूं.' इन तख्तियों को प्रदर्शित करना ही पुलिस के लिए गिरफ्तारी का आधार बन गया. प्रदर्शन का आयोजन डिफेंड आवर ज्यूरीज ने किया, जिसने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष बताया.
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पुलिस और आयोजकों में तीखी नोकझोंक
प्रदर्शन समाप्त होने के बाद आयोजकों और पुलिस के बीच गिरफ्तारियों की संख्या को लेकर तीखी बहस हुई. डिफेंड आवर ज्यूरीज ने दावा किया कि पुलिस केवल कुछ लोगों को ही गिरफ्तार कर पाई, और अधिकांश को जमानत पर रिहा कर दिया गया, जिससे कानून की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं. उन्होंने कहा, 'पुलिस कथित तौर पर आतंकवाद के अपराध करने वालों में से केवल कुछ को ही गिरफ्तार कर पाई है, और उनमें से ज्यादातर को जमानत देकर घर जाने दिया गया है. यह सरकार के लिए शर्मिंदगी का सबब है.'
इसके जवाब में मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह दावा गलत है. पुलिस ने कहा, 'हमें पूरा विश्वास है कि आज जो कोई भी पार्लियामेंट स्क्वायर पर फिलिस्तीन एक्शन के समर्थन में तख्तियां लेकर आया था, उसे या तो गिरफ्तार कर लिया गया है या गिरफ्तार करने की प्रक्रिया में है.' पुलिस ने यह भी बताया कि स्क्वायर पर मौजूद कई लोग दर्शक, मीडियाकर्मी या बिना तख्तियों वाले लोग थे.