मोदी कैबिनेट में होने जा रहा है बड़ा फेरबदल? वित्त मंत्रालय की कमान संभालेंगे शक्तिकांत दास!

केंद्र सरकार में संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चाओं के बीच शक्तिकांत दास का नाम वित्त मंत्री पद के लिए सामने आ रहा है. उनके प्रशासनिक और आर्थिक अनुभव को लेकर राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हो गई हैं.

Social Media
Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: केंद्र सरकार में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं. माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जून के अंतिम सप्ताह में मंत्रिमंडल में बड़े बदलाव कर सकते हैं. इसी बीच पूर्व आरबीआई गवर्नर और वर्तमान में प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव शक्तिकांत दास का नाम वित्त मंत्री पद के संभावित दावेदार के रूप में चर्चा में है. उनके लंबे प्रशासनिक अनुभव और आर्थिक मामलों की गहरी समझ को इस चर्चा की प्रमुख वजह माना जा रहा है.

फेरबदल की अटकलों ने बढ़ाई हलचल

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्रिमंडल में कुछ नए चेहरों को मौका मिल सकता है, जबकि कुछ मंत्रियों के विभागों में बदलाव संभव है. हालांकि सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन संभावित फेरबदल को लेकर चर्चाएं लगातार जारी हैं.

क्यों चर्चा में हैं शक्तिकांत दास?

ओडिशा में जन्मे और तमिलनाडु कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी शक्तिकांत दास देश के सबसे अनुभवी प्रशासनिक अधिकारियों में गिने जाते हैं. उन्होंने वित्त मंत्रालय, राजस्व विभाग और आर्थिक मामलों से जुड़े कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है. वर्तमान में वे प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव की जिम्मेदारी निभा रहे हैं.

आरबीआई से लेकर पीएमओ तक का सफर

शक्तिकांत दास ने भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर के रूप में भी अहम भूमिका निभाई थी. उनके कार्यकाल के दौरान देश ने कई आर्थिक चुनौतियों का सामना किया. आर्थिक नीतियों और वित्तीय प्रबंधन को लेकर उनकी समझ को व्यापक स्तर पर सराहा गया था.

वित्त मंत्री बनने पर बनेगा खास रिकॉर्ड

यदि शक्तिकांत दास को वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलती है, तो वे उन चुनिंदा पूर्व आरबीआई गवर्नरों में शामिल हो जाएंगे जिन्होंने देश के वित्त मंत्री का पद संभाला. इससे पहले मनमोहन सिंह और सी डी देशमुख इस भूमिका में रह चुके हैं.

आधिकारिक घोषणा का इंतजार

फिलहाल शक्तिकांत दास को लेकर सामने आ रही सभी चर्चाएं अटकलों के दायरे में हैं. मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर अंतिम फैसला प्रधानमंत्री और पार्टी नेतृत्व के स्तर पर ही होगा. अब सबकी नजर संभावित विस्तार और उससे जुड़ी आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई है.