PM मोदी ने विदेश में लोगों को सिखाया योग, जानें क्यों खास है प्रधानमंत्री का उज्बेकिस्तान-किर्गिस्तान दौरा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो देशों के दौरे पर हैं. उज्बेकिस्तान के बाद वे किर्गिस्तान जाएंगे, जहां SCO शिखर सम्मेलन में सुरक्षा, व्यापार, आतंकवाद और आर्थिक सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी. इस दौरे के बीच ताशकंद से प्रधानमंत्री की कुछ खास तस्वीरें सामने आई है.

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Shanu Sharma

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों दो दिवसीय उज्बेकिस्तान दौरे पर हैं. उन्होंने रविवार सुबह राजधानी ताशकंद में आयोजित योग सत्र में हिस्सा लिया और वहां मौजूद लोगों को योग के अभ्यास के बारे में बताया. प्रधानमंत्री अपने दौरे के दौरान शास्त्री मेमोरियल और महात्मा गांधी सेंटर भी जाएंगे.

प्रधानमंत्री के रूप में यह मोदी का उज्बेकिस्तान का चौथा दौरा है. ताशकंद में उनकी मुलाकात राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव से होगी. दोनों नेताओं के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा, ऊर्जा, शिक्षा और आपसी सहयोग बढ़ाने जैसे मुद्दों पर बातचीत होने की उम्मीद है.

भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों को मिलेगी नई दिशा

बैठक के दौरान भारत के विकसित भारत 2047 और उज्बेकिस्तान के 2030 विजन के तहत सहयोग के नए रास्ते तलाशे जाएंगे. दोनों देश आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दे सकते हैं. उज्बेकिस्तान के बाद प्रधानमंत्री 31 अगस्त को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचेंगे. यहां वे 1 सितंबर तक रहेंगे और SCO के 26वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे.


शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में सुरक्षा, आतंकवाद, क्षेत्रीय स्थिरता, व्यापार, संपर्क व्यवस्था और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे. भारत 2017 से SCO का पूर्ण सदस्य है. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और दूसरे देशों के नेताओं से मुलाकात हो सकती है. हालांकि किन नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक होगी, इसकी आधिकारिक जानकारी अलग से सामने आ सकती है.

मोदी के लिए तैयार होगा गुजराती खाना

किर्गिस्तान में प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत की तैयारियां भी खास अंदाज में की जा रही हैं. बिश्केक के गांधी रेस्टोरेंट के प्रमुख शेफ चिन्मय बडोदेकर के मुताबिक प्रधानमंत्री के लिए घर जैसा गुजराती भोजन तैयार किया जाएगा. नाश्ते में पोहा, उपमा और इडली-सांभर, जबकि दोपहर के भोजन में थेपला, दाल-चावल और गुजराती सब्जियां परोसी जाएंगी. रात के खाने में खिचड़ी-कढ़ी रखी जाएगी.

भारत के लिए मध्य एशिया क्यों अहम?

सेंट्रल एशिया भारत के लिए रणनीतिक और आर्थिक दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण है. इस क्षेत्र में तेल, गैस, यूरेनियम और कई महत्वपूर्ण खनिजों के बड़े भंडार हैं. भारत अपनी बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए इन देशों के साथ सहयोग बढ़ाना चाहता है. इसके अलावा भारत मध्य एशिया के साथ व्यापार और परिवहन संपर्क को मजबूत करने के लिए नए मार्ग विकसित करने पर भी जोर दे रहा है. अफगानिस्तान की स्थिति और आतंकवाद से जुड़े मुद्दों पर भी क्षेत्रीय सहयोग भारत के लिए महत्वपूर्ण है.