PM Modi Russia Visit: पीएम मोदी और पुतिन में दिखा 23 साल पुराना 'याराना', तिलमिलाया ड्रैगन
इस यात्रा का मुख्य फोकस आर्थिक एजेंडा है, जिसमें ऊर्जा, व्यापार, विनिर्माण और उर्वरक में सहयोग शामिल है. नई दिल्ली से रवाना होने पर जारी एक बयान में मोदी ने कहा कि वह अपने मित्र राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा करने और विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर दृष्टिकोण साझा करने के लिए उत्सुक हैं. उन्होंने आगे कहा कि हम एक शांतिपूर्ण और स्थिर क्षेत्र के लिए एक सहायक भूमिका निभाना चाहते हैं.
पीएम मोदी के रूस के दौरे पर हैं. यह उनका लगभग पांच साल में पहला दौरा है. सोमवार की रात पुतिन ने अपने सरकारी आवास पर पीएम मोदी का स्वागत किया. इस दौरान दोनों के बीच पुराना दोस्ताना देखने को मिला. मास्को के बाहर एक आवास में अनौपचारिक बैठक के दौरान पुतिन ने मोदी से कहा कि मैं आपको दोबारा प्रधानमंत्री चुने जाने पर बधाई देना चाहता हूं. मुझे लगता है कि यह कोई संयोग नहीं है, बल्कि आपके कई वर्षों के काम का नतीजा है. पीएम मोदी और पुतिन के मुलाकात से चीन तिलमिलाया हुआ है. पिछले कुछ सालों में चीन और रूस के बीच नजदीकियां बढ़ी हैं.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगभग पांच वर्षों के बाद पहली बार रूस की यात्रा पर सोमवार को रूस पहुंचे.हालांकि मोदी और पतिन की दोस्ती 23 साल पुरानी है. जब अटल बिहारी वाजपेयी रूस के दौरे पर गए थे उस समय मोदीप्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे. उस समय मोदी और पुतिन के बीच पहली बार मुलाकात हुई थी.
विदेश मामलों के जानकारों का कहना है कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उनकी वार्ता द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग से लेकर यूक्रेन में संघर्ष जैसे मुद्दों पर केंद्रित होगी. दोनों नेताओं की पिछली मुलाक़ात सितंबर 2022 में उज्बेकिस्तान में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी. मॉस्को के व्नुकोवो-II वीआईपी एयरपोर्ट पर पहुंचने पर मोदी का स्वागत प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव ने किया और तीनों सेनाओं की ओर से उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया.
यात्रा का मुख्य फोकस आर्थिक एजेंडा
सूत्रों ने बताया कि इस यात्रा का मुख्य फोकस आर्थिक एजेंडा है, जिसमें ऊर्जा, व्यापार, विनिर्माण और उर्वरक में सहयोग शामिल है. नई दिल्ली से रवाना होने पर जारी एक बयान में मोदी ने कहा कि वह अपने मित्र राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा करने और विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर दृष्टिकोण साझा करने के लिए उत्सुक हैं. उन्होंने आगे कहा कि हम एक शांतिपूर्ण और स्थिर क्षेत्र के लिए एक सहायक भूमिका निभाना चाहते हैं.
मोदी ने कहा कि भारत और रूस के बीच विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी पिछले 10 वर्षों में आगे बढ़ी है, जिसमें ऊर्जा, सुरक्षा, व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कृति, पर्यटन और लोगों के बीच आदान-प्रदान के क्षेत्र शामिल हैं.
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने क्या कहा?
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि 2021 में आखिरी बार आयोजित शिखर सम्मेलन मोदी और पुतिन के लिए दोतरफा व्यापार में असंतुलन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सीधी बातचीत करने का अवसर होगा. जबकि भारत और रूस ने 2025 तक 30 बिलियन डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य रखा था, यह आंकड़ा 2023-24 में 65.7 बिलियन डॉलर तक बढ़ गया, जिसका मुख्य कारण पश्चिमी प्रतिबंधों और मूल्य सीमा लागू होने के बाद भारत द्वारा रियायती रूसी कच्चे तेल की खरीद थी. व्यापार पूरी तरह से रूस के पक्ष में झुका हुआ है, जिसमें भारतीय निर्यात 5 बिलियन डॉलर से कम है.
सूत्रों ने बताया कि भारतीय पक्ष द्वारा रूस पर अपने आयातों का विस्तार करने और उनमें विविधता लाने के लिए दबाव डालने की उम्मीद है, तथा दोनों पक्ष राष्ट्रीय मुद्राओं में भुगतान को सरल बनाने और रूस की बैंकिंग प्रणाली पर पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण उत्पन्न बाधाओं को दूर करने पर भी ध्यान केंद्रित करेंगे.
ऑस्ट्रिया भी जाएंगे पीएम मोदी
रूस से मोदी ऑस्ट्रिया जाएंगे और चार दशक से ज़्यादा समय में इस देश का दौरा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन जाएंगे. उन्होंने कहा कि वे राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वान डेर बेलन और चांसलर कार्ल नेहमर से मुलाकात करेंगे और द्विपक्षीय प्रौद्योगिकी और सतत विकास के नए और उभरते क्षेत्रों में साझेदारी को और भी ऊंचाइयों पर ले जाने पर चर्चा करेंगे. ऑस्ट्रिया हमारा दृढ़ और विश्वसनीय साझेदार है और हम लोकतंत्र और बहुलवाद के आदर्शों को साझा करते हैं.