Russia Ukraine War: रूस-यूक्रेन वॉर में भारत किसके साथ खड़ा है? जापान में PM मोदी ने दिया जवाब, पुतिन-जेलेंस्की को लेकर क्या बोले?
चीन यात्रा के दौरान पीएम मोदी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ दो महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें करेंगे. ये मुलाकातें वैश्विक मंच पर भारत की कूटनीतिक भूमिका को और मजबूत करेंगी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (29 अगस्त) को कहा कि भारत ने रूस-यूक्रेन संघर्ष में एक सैद्धांतिक और मानवीय रुख अपनाया है, जिसकी सराहना रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की दोनों ने की है. जापान की अपनी यात्रा के दौरान जापानी समाचार पत्र 'द योमिउरी शिम्बुन' को दिए इंटरव्यू में उन्होंने यह टिप्पणी की.
न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "भारत ने इस संघर्ष में एक सैद्धांतिक और मानवीय रुख बनाए रखा है, जिसकी दोनों राष्ट्रपति पुतिन और जेलेंस्की ने समान रूप से सराहना की है. इस नजरिए के अनुरूप, दोनों नेताओं ने मुझसे बात कर संघर्ष से संबंधित अपने दृष्टिकोण साझा किए. मैंने भारत के सैद्धांतिक और निरंतर रुख को दोहराया और संवाद व कूटनीति के माध्यम से संघर्ष के समाधान को प्रोत्साहित किया.
भारत का सैद्धांतिक रुख और शांति के लिए प्रयास
रूस और यूक्रेन के बीच शांति प्रयासों में भारत की भूमिका के सवाल पर पीएम मोदी ने कहा, "मैंने पहले ही भारत की इच्छा जताई है कि हम संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए सार्थक प्रयासों का समर्थन करने को तैयार हैं. मुझे विश्वास है कि दोनों पक्षों और प्रमुख हितधारकों के साथ हमारे अच्छे संबंधों के आधार पर, हम यूक्रेन में शीघ्र और स्थायी शांति की बहाली के लिए प्रयासों को मजबूत कर सकते हैं."
अमेरिका के साथ व्यापारिक तनाव
यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत को रूसी तेल खरीदने के लिए अमेरिका से 50 प्रतिशत टैरिफ का सामना करना पड़ रहा है. अमेरिकी प्रशासन ने नई दिल्ली पर मॉस्को के साथ कारोबार करके "युद्ध को वित्तपोषण" करने का आरोप लगाया है. भारत ने वाशिंगटन की इस कार्रवाई को "अनुचित और अतार्किक" करार देते हुए तीखी आलोचना की है. ट्रंप प्रशासन ने भारत के रूस के साथ तेल व्यापार के लिए 50 प्रतिशत से ज्यादा शुल्क लागू किया है.
हमारे किसानों और छोटे उत्पादकों के हितों की रक्षा हो- विदेश मंत्री
पिछले हफ्ते इस मुद्दे पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा, "हमारी प्राथमिक चिंता यह है कि हमारे किसानों और छोटे उत्पादकों के हितों की रक्षा हो. जब लोग कहते हैं कि हम सफल हुए या असफल रहे, हम सरकार के रूप में अपने किसानों और छोटे उत्पादकों के हितों की रक्षा के लिए मजबूती से खड़े हैं. इस पर हम दृढ़ हैं और इसमें कोई समझौता नहीं कर सकते."
जापान और चीन की यात्रा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 से 30 अगस्त तक जापान की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं, जहां उन्होंने 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया. जापान के बाद, वह चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में शामिल होने जाएंगे.
पीएम मोदी ने अपने प्रस्थान में कहा, "जापान से, मैं राष्ट्रपति शी जिनपिंग के निमंत्रण पर तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन जाऊंगा. भारत एससीओ का एक एक्टिव सदस्य है. हमारी अध्यक्षता के दौरान, हमने नवाचार, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्रों में नए विचारों और सहयोग की शुरुआत की है."