Commonwealth Games 2026

PM Modi In USA: अमेरिका पहुंचे मोदी, ट्रंप से करेंगे मुलाकात, जानें किस एजेंडे पर PM करेंगे बात

अमेरिका में इस्पात और एल्यूमीनियम पर 25% आयात शुल्क लागू करने के फैसले के बाद भारत ने संकेत दिया है कि वह कुछ व्यापार समझौतों में संशोधन पर विचार कर सकता है. वहीं, व्हाइट हाउस भी व्यापार शुल्क को लेकर संतुलित नीति अपनाने की संभावनाओं पर विचार कर सकता है.

Pinterest
Reepu Kumari

PM Modi In USA: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका की अमेरिका फर्स्ट व्यापार नीति और आव्रजन संबंधी चिंताओं के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से महत्वपूर्ण वार्ता करने के लिए दो दिवसीय यात्रा पर वाशिंगटन पहुंचे. 

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी की मेजबानी करेंगे. यह बैठक ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद दोनों नेताओं के बीच पहली द्विपक्षीय वार्ता होगी. इस मुलाकात में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा, प्रौद्योगिकी और आव्रजन जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है.

मोदी ने सोशल मीडिया पर जताई उत्सुकता  

वाशिंगटन डीसी पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर अपनी यात्रा को लेकर उत्साह व्यक्त किया. उन्होंने लिखा, 'थोड़ी देर पहले वाशिंगटन डीसी पहुंचा. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलने और भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हूं. दोनों देश अपने लोगों के लाभ और बेहतर भविष्य के लिए मिलकर काम करते रहेंगे.'  


भारतीय समुदाय का गर्मजोशी से स्वागत  

मोदी ‘ब्लेयर हाउस’ में ठहरे, जहां भारतीय-अमेरिकी समुदाय के सदस्यों ने उनका भव्य स्वागत किया. बारिश और कड़ाके की ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में लोग जुटे, जिन्होंने भारतीय और अमेरिकी झंडे लहराते हुए "भारत माता की जय", "वंदे मातरम" और "मोदी मोदी" के नारों से उनका अभिनंदन किया.

प्रधानमंत्री ने भी सोशल मीडिया पर अपनी खुशी व्यक्त करते हुए लिखा, "ठंड के मौसम में गर्मजोशी से स्वागत. भारतीय प्रवासियों ने ठंड के बावजूद वाशिंगटन डीसी में मेरा बहुत ही खास स्वागत किया है. मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं."

व्यापार और शुल्क विवाद रहेगा प्रमुख मुद्दा  

मोदी की इस यात्रा में प्रमुख मुद्दा अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए जाने वाले व्यापारिक प्रतिबंधों को रोकना हो सकता है. ट्रंप प्रशासन की नीतियों के तहत कई देशों पर आयात शुल्क बढ़ाया गया है, जिससे भारतीय कंपनियों पर असर पड़ने की संभावना है. 

अमेरिका में इस्पात और एल्यूमीनियम पर 25% आयात शुल्क लागू करने के फैसले के बाद भारत ने संकेत दिया है कि वह कुछ व्यापार समझौतों में संशोधन पर विचार कर सकता है. वहीं, व्हाइट हाउस भी व्यापार शुल्क को लेकर संतुलित नीति अपनाने की संभावनाओं पर विचार कर सकता है.

आव्रजन और रक्षा सहयोग पर होगी चर्चा  

ट्रंप प्रशासन द्वारा हाल ही में 104 भारतीयों को निर्वासित किए जाने के मुद्दे पर भी चर्चा होने की संभावना है. भारत ने इस पर सख्त प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिका से अनुरोध किया है कि भारतीय नागरिकों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार न किया जाए.

इसके अलावा, रक्षा और ऊर्जा सहयोग को लेकर भी बातचीत होगी. अमेरिका से सुरक्षा उपकरणों की खरीद बढ़ाने पर जोर दिया जा सकता है. भारत ने हाल ही में अपने परमाणु ऊर्जा कानूनों में संशोधन करने की योजना बनाई है, जिससे असैन्य परमाणु सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है.

हिंद-प्रशांत और वैश्विक मुद्दों पर भी वार्ता संभव  

बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र, यूक्रेन संकट और पश्चिम एशिया की ताजा परिस्थितियों पर भी चर्चा हो सकती है. इसके अलावा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भी सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं तलाशी जा सकती हैं.

प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा को दोनों देशों के बढ़ते रणनीतिक संबंधों के रूप में देखा जा रहा है. यह देखना दिलचस्प होगा कि इस वार्ता से भारत-अमेरिका संबंधों को कितनी मजबूती मिलती है.