'मैंने खुद देखे हैं क्लासिफाइड सबूत’, पेंटागन के UFO सलाहकार का एलियंस पर दावा; कहा-दुनिया के सामने लाना जरुरी
पेंटागन के गोपनीय UFO कार्यक्रम से जुड़े रहे डॉ. एरिक डेविस ने अमेरिका के पास एलियन से जुड़े क्लासिफाइड सबूत होने का दावा किया है. पेंटागन ने इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
नई दिल्ली: क्या इंसानों के अलावा ब्रह्मांड में कोई और जीव मौजूद है? यह सवाल लंबे समय से लोगों के बीच चर्चा का विषय रहा है. अब पेंटागन के UFO कार्यक्रम में सलाहकार रह चुके एस्ट्रोफिजिसिस्ट डॉ. एरिक डेविस के दावे ने इस बहस को फिर हवा दे दी है. डेविस का कहना है कि अमेरिका के पास कम से कम चार अलग अलग एलियन प्रजातियों से जुड़े क्लासिफाइड रिकॉर्ड और तस्वीरें मौजूद हैं.
डॉ. डेविस ने पत्रकार केटी पावलिच के साथ बातचीत में अपने करीब 30 साल के गोपनीय शोध का हवाला देते हुए यह दावा किया. उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद ऐसे क्लासिफाइड रिकॉर्ड और सबूत देखे हैं, जो UAP से जुड़े हैं. उनके मुताबिक, इन रिकॉर्ड्स में क्रैश हुए स्पेसक्राफ्ट और उनसे जुड़े रिकवरी ऑपरेशनों की जानकारी शामिल है.
चार तरह की एलियन प्रजातियों का दावा
डेविस के अनुसार, जिन चार प्रजातियों का जिक्र गोपनीय रिकॉर्ड में है, उनमें 'ग्रेज', 'नॉर्डिक्स', 'इंसेक्टॉइड्स' और 'रेप्टिलियन्स' शामिल हैं. उनके मुताबिक, ग्रे प्रजाति छोटे कद, धूसर त्वचा, बड़े सिर और काली आंखों वाली बताई गई है. नॉर्डिक्स इंसानों जैसे दिखने वाले लंबे और गोरे जीव बताए गए हैं. इंसेक्टॉइड्स की तुलना प्रेइंग मैंटिस जैसे जीवों से की गई है, जबकि रेप्टिलियन्स को सरीसृप जैसे फीचर्स वाला बताया गया है.
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क्रैश साइट्स से मिले गैर इंसानी शव?
डॉ. डेविस ने दावा किया कि जिन UAP दुर्घटनाओं से जुड़े रिकॉर्ड उन्होंने देखे, उनमें गैर इंसानी चालक दल के सदस्य ज्यादातर मृत पाए गए थे. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इन जीवों की जैविक प्रक्रिया या उनके भोजन के बारे में जानकारी नहीं है. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने खुद किसी जीवित एलियन को अमेरिकी सेना द्वारा पकड़े जाने का आधिकारिक दस्तावेज नहीं देखा है.
डेविस ने पूर्व खुफिया अधिकारी डेविड ग्रश के उस दावे का भी जिक्र किया, जिसमें एक जीव को कथित तौर पर जिंदा रिकवर किए जाने की बात कही गई थी. हालांकि, डेविस ने साफ कहा कि वह व्यक्तिगत तौर पर इस दावे की पुष्टि नहीं कर सकते. उनके मुताबिक, उन्होंने जिन रिकॉर्ड्स को देखा, उनमें अधिकांश मामलों में गैर इंसानी जीव मृत पाए गए थे.
डेविड ग्रश के पुराने दावों से जुड़ी कड़ी
डेविस के बयान पूर्व अमेरिकी खुफिया अधिकारी डेविड ग्रश के 2023 के दावों से भी जुड़े दिखाई देते हैं. ग्रश ने अमेरिकी कांग्रेस के सामने शपथ लेकर आरोप लगाया था कि सरकार गैर इंसानी तकनीक और जैविक अवशेषों से जुड़ी जानकारी छिपा रही है. उन्होंने कथित रिवर्स इंजीनियरिंग कार्यक्रम का भी जिक्र किया था.
इसके अलावा, पूर्व CIA वैज्ञानिक डॉ. हैल पुथॉफ ने दावा किया था कि अमेरिकी सरकार के पास अलग अलग समय पर बरामद किए गए कम से कम 10 स्पेसक्राफ्ट मौजूद हैं. डेविस ने यह भी कहा कि उन्होंने राइट पैटरसन एयर फोर्स बेस के पूर्व कमांडर से बात की थी. उनके अनुसार, बातचीत में 1947 की रोसवेल घटना के मलबे को इस एयरबेस पर लाए जाने की बात कही गई थी.
आम लोगों से क्यों छिपाए जा रहे हैं रिकॉर्ड?
डॉ. डेविस का आरोप है कि UFO से जुड़े कई महत्वपूर्ण फोटो, वीडियो और दस्तावेज बेहद उच्च सुरक्षा श्रेणी में रखे गए हैं. उनका दावा है कि कुछ रिकॉर्ड 50 से 75 साल तक सील रखे जाते हैं और वे फ्रीडम ऑफ इंफॉर्मेशन एक्ट के दायरे में भी नहीं आते. डेविस का मानना है कि ऐसी जानकारी का एक हिस्सा संवेदनशील खुफिया तरीकों को उजागर किए बिना भी जनता के सामने रखा जा सकता है.
ट्रंप से व्हिसलब्लोअर्स की सुरक्षा की अपील
डॉ. डेविस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो जारी कर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से हस्तक्षेप की अपील की. उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी जिंदगी के 30 साल UAP की जांच में लगाए हैं और ऐसे सबूत देखे हैं जिन्हें दुनिया के सामने आना चाहिए. उन्होंने SF 312 नॉन डिस्क्लोजर एग्रीमेंट से जुड़ी पाबंदियां हटाने की मांग की, ताकि वैज्ञानिक और व्हिसलब्लोअर्स कानूनी कार्रवाई के डर के बिना जानकारी साझा कर सकें.
पेंटागन और NASA का रुख क्या है?
इन दावों के बावजूद अमेरिकी रक्षा मंत्रालय और NASA का आधिकारिक रुख अलग है. पेंटागन के AARO की रिपोर्टों के मुताबिक, अभी तक ऐसा कोई भौतिक या सत्यापन योग्य वैज्ञानिक प्रमाण सामने नहीं आया है, जिससे यह साबित हो कि UAP का संबंध किसी परग्रही सभ्यता से है. इसलिए डॉ. डेविस के दावे फिलहाल दावे ही हैं. जब तक कथित अवशेष या अन्य वैज्ञानिक सामग्री स्वतंत्र जांच और पीयर रिव्यू के लिए सार्वजनिक नहीं होती, इन दावों को प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता.