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बलूचिस्तान में मैदान छोड़कर भागी पाकिस्तानी आर्मी, बलूचों ने फहरा दिया आजादी का झंडा

Balochistan Dispute: बलूचिस्तान में पिछले कुछ समय से पाकिस्तानी सेना और बलूच लिबरेशन आर्मी में टकराव देखने को मिल रहा है. ऐसे में इस बीच एक वीडियो सामने आया है, जिसमें बलोच लोग आजादी का झंडा फहरा रहे हैं और पाकिस्तानी सेना पीछे हटती हुई दिखाई दे रही है.

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Praveen Kumar Mishra

Balochistan Dispute: पाकिस्तान का बलूचिस्तान प्रांत इन दिनों सुर्खियों में है. यहां की स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि पाकिस्तानी सेना को कई इलाकों से पीछे हटना पड़ रहा है. बलूच लिबरेशन आर्मी जैसे विद्रोही समूहों ने इन क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया है और इसके सबूत भी सामने आए हैं. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में बलूच लड़ाकों को पाकिस्तानी सेना की चौकियों पर अपना झंडा फहराते देखा जा सकता है. 

बलूचिस्तान के कई इलाकों से पाकिस्तानी सेना के पीछे हटने के दावे सामने आए हैं. इन दावों को बलूच कार्यकर्ता मीर यार बलूच ने अपने एक्स अकाउंट पर साझा किए वीडियो के जरिए मजबूत किया है. इन वीडियो में जहारी कस्बे की सैन्य चौकियों और मोबाइल टावरों पर बलूचिस्तान का झंडा लहराता दिख रहा है. कुछ वीडियो में पाकिस्तानी सैनिक अपने कैंप छोड़कर भागते हुए भी नजर आ रहे हैं. 

मीर यार बलूच ने किया बड़ा दावा

मीर यार बलूच, जो खुद को लेखक, पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता बताते हैं, उन्होंने इन वीडियो के साथ दावा किया है कि पाकिस्तानी सेना बलूचिस्तान में हार मान रही है. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, "पाकिस्तान की सेना बलूचिस्तान में अपनी पकड़ खो रही है. यह वीडियो जहारी कस्बे में उनकी हार और आत्मसमर्पण का सबूत है. बलूच लोग शांति चाहते हैं लेकिन पाकिस्तान हिंसा फैलाकर इस क्षेत्र को अस्थिर कर रहा है."

बलूचिस्तान में सेना की शर्मिंदगी

बलूचिस्तान लंबे समय से पाकिस्तानी सेना के लिए चुनौती बना हुआ है. इस प्रांत में सेना पर गंभीर आरोप लगते रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि सेना ने यहां के लाखों लोगों को जबरन गायब किया और उनकी हत्या कर दी. कई परिवारों का दावा है कि उनके सदस्यों की लाशें तक उन्हें नहीं सौंपी गईं. अब जब बलूच लोग सड़कों पर उतरकर पाकिस्तान का विरोध कर रहे हैं, तो सेना की स्थिति कमजोर पड़ती दिख रही है.

बलूचों की शांति की मांग

बलूच लोग हमेशा से शांति की वकालत करते रहे हैं. उनका कहना है कि वे नहीं चाहते कि पाकिस्तान हिंसा के जरिए उनके प्रांत को अस्थिर करे. बलूच लिबरेशन आर्मी और अन्य समूहों का दावा है कि वे अपने अधिकारों और संसाधनों की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं. इन समूहों का कहना है कि पाकिस्तान ने बलूचिस्तान के संसाधनों का गलत इस्तेमाल किया और स्थानीय लोगों को उनके हक से वंचित रखा.