भारत-चीन की बढ़ती नजदीकी से 'बौखलाया' पाकिस्तान! आर्टिकल 370 जैसा फैसला लेने की तैयारी
भारत और चीन के बीच बढ़ती बातचीत को लेकर पाकिस्तान सतर्क मोड में आ गया है. मिल रही जानकारी के मुताबिक शहबाज सरकार पीओके को लेकर भारत के आर्टिकल 370 जैसा फैसला लेने की तैयारी में है.
भारत और चीन के रिश्ते अब सुधरने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. गलवान घाटी झड़प के बाद दोनों देश के रिश्तों में तनाव बढ़ गए थे, हालांकि अब धीरे-धीरे दोनों देश इस समस्या को सुलझाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. जिसके लिए भारतीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने चीन दौरा भी किया. हालांकि इससे सबसे ज्यादा चिंता में पाकिस्तान नजर आ रहा है.
मिल रही जानकारी के मुताबिक शहबाज शरीफ सरकार इस मुद्दे पर नजर रखे हुए है और जल्द ही पीओके और गिलगित-बाल्टिस्तान के मुद्दे पर संवैधानिक ढांचे में बड़े बदलाव की तैयारी कर रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान इन क्षेत्रों को एक अंतरिम प्रांत जैसा दर्जा देने का विचार कर रहा है.
क्या है पाकिस्तान की तैयारी?
पाकिस्तान के सरकारी सूत्रों की मानें तो जल्द ही संविधान के अनुच्छेद 1 में संशोधन के जरिए कानून में बदलाव किए जा सकते हैं. राजनीतिक विशेषज्ञों द्वारा इसके पीछे भारत और चीन के सुधरते संबंधों को एक प्रमुख कारण माना जा रहा है. पाकिस्तानी अधिकारी लगातार भारत और चीन के बीच चल रहे बातचीत पर नजर बनाए हुए हैं. क्योंकि अगर दोनों देशों के बीच संबंध सुधरते हैं तो सीमा विवाद पर कोई समाधान निकल सकता है और इसका सीधा असर कश्मीर के मुद्दे पर भी पड़ेगा. कश्मीर के मुद्दे में भारत-पाकिस्तान और चीन तीनों शामिल हैं. पाकिस्तान ने 1963 में हुए समझौते के दौरान शक्सगाम घाटी का इलाका चीन को सौंप दिया था. हालांकि भारत ने उसे कभी स्वीकार नहीं किया.
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भारत-चीन रिश्ते का पाकिस्तान पर पड़ेगा असर
चीन इस समय अपने संबंध भारत और पाकिस्तान दोनों के साथ बेहतर करने की कोशिश में है. अगर ऐसे समय पर भारत के साथ कोई समझौता होता है तो फिर इसका असर पाकिस्तान पर पड़ेगा. हालांकि पाकिस्तान इन सबसे पहले कानून बदलकर अपना पक्ष बदलने की कोशिश में है. भारत ने 2019 में जिस तरह से अनुच्छेद 370 हटाकर देश में बड़ा रणनीतिक बदलाव लाया था, वैसे ही पाकिस्तान भारत की तरह कानून की मदद से बदलाव करने की तैयारी में है. हालांकि इसे लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं आई है, लेकिन अगर ऐसा होता है तो इन तीनों देशों की रणनीति में बड़ा बदलाव आएगा.