चीन के आगे झुका पाकिस्तान, अपनी मिट्टी पर सुरक्षा चौकियां बनाने की अनुमति दी; भारत के लिए बढ़ी चुनौती

यह कदम तब उठाया गया है, जब चीन ने अपने नागरिकों पर हो रहे हमलों को लेकर पाकिस्तान पर कड़ा दबाव बनाया. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पाकिस्तान की संप्रभुता कमजोर हुई है और वह सुरक्षा के मामले में चीन पर और ज्यादा निर्भर हो गया है.

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Sagar Bhardwaj

पाकिस्तान ने चुपचाप चीन को अपने देश के भीतर अभूतपूर्व सुरक्षा अधिकार दे दिए हैं. हालिया फैसले के तहत अब चीन अपने नियंत्रित “सिक्योरिटी पोस्ट” पाकिस्तान की जमीन पर स्थापित कर सकेगा. यह कदम तब उठाया गया है, जब चीन ने अपने नागरिकों पर हो रहे हमलों को लेकर पाकिस्तान पर कड़ा दबाव बनाया. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पाकिस्तान की संप्रभुता कमजोर हुई है और वह सुरक्षा के मामले में चीन पर और ज्यादा निर्भर हो गया है.

चीनी नागरिकों पर हमलों से नाराज बीजिंग

बीते कुछ वर्षों में पाकिस्तान में करीब 90 चीनी नागरिकों की मौत हो चुकी है. ये सभी चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) से जुड़े प्रोजेक्ट्स में काम कर रहे थे. चीन का कहना है कि पाकिस्तान अपने देश में काम कर रहे चीनी इंजीनियरों और मजदूरों को सुरक्षा देने में नाकाम रहा है. इसी नाराजगी के चलते चीन ने सीधे पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था में दखल बढ़ाने की मांग रखी.

कहां-कहां बनेंगे चीनी सुरक्षा पोस्ट

सूत्रों के अनुसार, चीन और पाकिस्तान के बीच यह सहमति बीजिंग में हुई रणनीतिक वार्ता के दौरान बनी. इसके तहत इस्लामाबाद, लाहौर, कराची, क्वेटा, पेशावर, ग्वादर और गिलगित-बाल्टिस्तान जैसे इलाकों में चीनी सुरक्षा इकाइयां तैनात की जाएंगी. ये इकाइयां सिर्फ चीनी नागरिकों और उनके प्रोजेक्ट्स की सुरक्षा करेंगी. इसके अलावा दोनों देशों के बीच खुफिया जानकारी साझा करने और संयुक्त आतंकवाद विरोधी तंत्र पर भी सहमति बनी है.

 पाकिस्तान की मजबूरी और चीन की शर्तें

चीन ने पाकिस्तान के सामने दो साफ शर्तें रखीं- चीनी नागरिकों की पूरी सुरक्षा और निवेश से जुड़े कामों के लिए आसान और तेज सिस्टम. भारी आर्थिक संकट से जूझ रहा पाकिस्तान इन शर्तों को ठुकरा नहीं सका. इससे साफ होता है कि आर्थिक मदद के बदले पाकिस्तान कितना नियंत्रण चीन को सौंप रहा है.

 भारत के लिए क्यों बढ़ी चिंता

भारत के लिए यह स्थिति चिंताजनक है, खासकर गिलगित-बाल्टिस्तान में चीनी मौजूदगी. यह इलाका भारत अपनी जमीन मानता है. चीन और पाकिस्तान की बढ़ती सुरक्षा साझेदारी भारत की सीमाओं के पास नया दबाव पैदा कर सकती है. इससे क्षेत्रीय स्थिरता पर भी असर पड़ने की आशंका है.