डूरंड लाइन पर खून की होली, पाकिस्तान-अफगानिस्तान में खुली जंग छिड़ी; काबुल पर बम की बरसात

डूरंड लाइन पर तनाव चरम पर है. तालिबान ने पाकिस्तान के उत्तरी वजीरिस्तान में मीरानशाह और स्पिनवाम सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले किए, जिसे 'रद अल-जुल्म' नाम दिया. यह पाकिस्तान की खोस्त-पक्तिया बमबारी का जवाब था.

@anwaribrahim
Reepu Kumari

नई दिल्ली: पड़ोसी मुल्कों के बीच पुराना विवाद अब जंग में बदल गया है. डूरंड लाइन पर गोलीबारी और हवाई हमलों ने हालात को खतरनाक मोड़ दे दिया. शनिवार तड़के पक्तिका के तेरवा जिले में झड़प शुरू हुई, जिसके बाद तालिबान ने पाकिस्तानी ठिकानों पर ड्रोन से हमला बोला. पाकिस्तान ने जवाब में काबुल समेत कई शहरों पर बम गिराए. रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इसे 'ओपन वॉर' कहा. यूरोपीय संघ ने तनाव कम करने की अपील की, जबकि ट्रंप ने पाकिस्तान के साथ अच्छे रिश्तों का जिक्र किया. स्थिति और बिगड़ने का खतरा मंडरा रहा है. 

तालिबान का ड्रोन हमला: स्पिनवाम में आग लगी

तालिबान ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में मीरानशाह और स्पिनवाम के सैन्य अड्डों पर ड्रोन अटैक किए. अफगान पक्ष का दावा है कि स्पिनवाम में हमले से आग लग गई. इन हमलों को 'रद अल-जुल्म' नाम दिया गया, जो पाकिस्तान की पिछली रात की बमबारी का सीधा जवाब था. तालिबान प्रवक्ता ने कहा कि यह सीमा पर उकसावे के खिलाफ जरूरी कदम है. स्थानीय मीडिया में तीव्र लड़ाई की खबरें हैं, लेकिन हताहतों पर दोनों तरफ अलग-अलग दावे हैं.

पाकिस्तान की कड़ी प्रतिक्रिया: काबुल पर हवाई हमले

पाकिस्तान ने काबुल, कंधार और पक्तिया में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए. रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने 'खुली जंग' की घोषणा की और कहा कि अफगानिस्तान से आए हमलों के जवाब में 'तुरंत और प्रभावी' कार्रवाई हुई. सूचना मंत्रालय ने दावा किया कि यह देश की सुरक्षा और अखंडता बचाने के लिए जरूरी था. पाकिस्तान तालिबान पर टीटीपी जैसे आतंकी समूहों को शरण देने का आरोप लगाता रहा है. 

ट्रंप का पाकिस्तान समर्थन: अच्छे रिश्तों का जिक्र

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अफगानिस्तान के हालात पर कहा कि जरूरत पड़ी तो दखल देंगे, लेकिन पाकिस्तान के साथ 'बहुत अच्छे' रिश्ते हैं. उन्होंने पीएम शहबाज शरीफ और जनरल आसिम मुनीर की तारीफ की, कहा कि पाकिस्तान 'बहुत अच्छा कर रहा है'. यह बयान क्षेत्रीय तनाव में पाकिस्तान के पक्ष में देखा जा रहा है. ट्रंप के इस रुख से बातचीत का रास्ता खुल सकता है या स्थिति और जटिल हो सकती है. 

यूरोपीय संघ की अपील: तुरंत संयम बरतें

यूरोपीय संघ ने दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताई और तुरंत डी-एस्केलेशन की मांग की. ईयू के बयान में कहा गया कि अफगान जमीन का इस्तेमाल किसी दूसरे देश के खिलाफ नहीं होना चाहिए. काबुल से सभी उग्रवादी समूहों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया. दोनों पक्षों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने और अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने की अपील की गई है. क्षेत्र पर इसका असर पड़ सकता है. 

स्वात में अफगानों पर कार्रवाई: 79 हिरासत में

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के स्वात जिले में अफगान शरणार्थियों के खिलाफ बड़ी मुहिम चल रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अब तक 79 अफगानों को हिरासत में लिया गया है. पकड़े गए लोगों को जल्द अफगानिस्तान भेजने की तैयारी है. यह कार्रवाई सीमा तनाव के बीच अफगान नागरिकों पर सख्ती का हिस्सा लगती है. पाकिस्तान लंबे समय से अफगान शरणार्थियों पर दबाव बढ़ा रहा है.