BRICS 2026

ओसामा बिन लादेन ने बनाई थी हमले की लिस्ट, 9/11 से पहले भारत का था नाम! CIA दस्तावेजों से खुलासा

अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA की ओर से जारी पुराने दस्तावेजों में ओसामा बिन लादेन की आतंकी योजनाओं को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं. दस्तावेजों के मुताबिक, 9/11 हमले से पहले अलकायदा प्रमुख भारत समेत कई देशों को निशाना बनाने की योजना पर काम कर रहा था.

Social Media
Shanu Sharma

न्यूयॉर्क में हुए 9/11 आतंकी हमलों की 25वीं बरसी के मौके पर अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA ने 70 से ज्यादा प्रेसिडेंशियल ब्रीफ सार्वजनिक किए हैं. ये वे दस्तावेज होते हैं, जिनके जरिए खुफिया एजेंसियां तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति को सुरक्षा से जुड़ी अहम सूचनाएं उपलब्ध कराती थीं.

इन दस्तावेजों में 28 अगस्त 1998 की एक ब्रीफिंग भी शामिल है. इसमें तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति को बताया गया था कि अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन भारत समेत कई देशों में आतंकी हमले की योजना बना रहा था.

भारत समेत इन देशों पर थी नजर

CIA के दस्तावेज के अनुसार, ओसामा की संभावित निशाने वाली सूची में भारत के अलावा पाकिस्तान, मिस्र, कुवैत, सऊदी अरब, यमन और युगांडा जैसे देशों के नाम शामिल थे. हालांकि, दस्तावेज के कुछ हिस्सों को सार्वजनिक नहीं किया गया है और कई नाम अब भी छिपाए गए हैं. रिपोर्ट में यह आशंका भी जताई गई थी कि अलकायदा दक्षिण एशिया से लेकर उत्तरी अमेरिका तक अपने नेटवर्क का इस्तेमाल कर सकता है. उत्तरी अमेरिका, यूरोप और पूर्वी एशिया में संगठन के मजबूत संपर्कों को देखते हुए इन क्षेत्रों में अमेरिकी हितों पर हमले की संभावना को गंभीर माना गया था.


अमेरिकी कार्रवाई के बावजूद जारी थी आतंकी साजिश

दस्तावेजों से पता चलता है कि अलकायदा के ठिकानों पर अमेरिकी और अन्य देशों की सैन्य कार्रवाई के बावजूद संगठन का नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं हुआ था. हमलों के दौरान ओसामा बिन लादेन और उसके कई सहयोगी बच निकलने में कामयाब रहे. रिपोर्ट के मुताबिक, मारे गए लड़ाकों के स्थान पर दूसरे प्रशिक्षण शिविरों से नए लोगों को तैयार किया जा रहा था. इसी दौरान अलकायदा अमेरिका और ब्रिटेन को निशाना बनाने की योजनाओं पर भी काम कर रहा था.

अमेरिकी दस्तावेजों से यह भी सामने आता है कि वॉशिंगटन को ओसामा बिन लादेन के संभावित हमलों को लेकर कई साल पहले से चेतावनियां मिल रही थीं. 1998 से 2001 के बीच अमेरिकी राष्ट्रपतियों को अलकायदा और उसके प्रमुख की गतिविधियों के बारे में लगातार खुफिया जानकारी दी जाती रही. इसके बावजूद 11 सितंबर 2001 को अमेरिका में अभूतपूर्व आतंकी हमला हुआ. इस हमले के बाद अमेरिका ने अफगानिस्तान में आतंकवाद के खिलाफ व्यापक सैन्य अभियान शुरू किया.