menu-icon
India Daily

New Zealand Earthquake: तेज झटकों से कांपा न्यूजीलैंड, 6.5 तीव्रता के भूकंप से दहशत; सुनामी का अलर्ट जारी

New Zealand Earthquake: न्यूजीलैंड के रिवर्टन तट पर आज यानी मंगलवार को 6.5 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया, जिसका केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई पर था. इस बीच, आपातकालीन अधिकारियों ने भूकंप के बाद सुनामी के खतरे का आकलन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

Ritu Sharma
Edited By: Ritu Sharma
New Zealand Earthquake: तेज झटकों से कांपा न्यूजीलैंड, 6.5 तीव्रता के भूकंप से दहशत; सुनामी का अलर्ट जारी
Courtesy: Social Media

New Zealand Earthquake: न्यूजीलैंड के रिवर्टन तट पर मंगलवार (25 मार्च) को 6.5 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप दर्ज किया गया. यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र समुद्र तल से 10 किलोमीटर की गहराई पर था. यह झटका रिवर्टन से 159 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिणपश्चिम (WSW) में महसूस किया गया.

भूकंप से नुकसान की फिलहाल कोई सूचना नहीं

फिलहाल, इस भूकंप से किसी बड़ी क्षति की कोई खबर नहीं मिली है. हालांकि, न्यूजीलैंड एक भूकंप-संवेदनशील क्षेत्र में आता है, जहां इस तरह की घटनाएं अक्सर देखी जाती हैं. स्थानीय प्रशासन आफ्टरशॉक्स के लिए तैयारियां कर रहा है और हालात पर नजर बनाए हुए है.

सुनामी का खतरा, एजेंसियां अलर्ट पर

बता दें कि 6.5 तीव्रता के भूकंप के बाद, न्यूजीलैंड की आपातकालीन प्रबंधन एजेंसी इस बात का आकलन कर रही है कि क्या इससे सुनामी का खतरा हो सकता है. यदि ऐसा होता है, तो सुनामी को न्यूजीलैंड के तटों तक पहुंचने में कम से कम एक घंटे का समय लगेगा. तटीय इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है.

न्यूजीलैंड का भूकंप इतिहास

बताते चले कि न्यूजीलैंड दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में से एक है. यह ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत प्लेटों के बीच स्थित है, जिसके चलते इस क्षेत्र में अक्सर बड़े भूकंप आते रहते हैं.

  • 2011: क्राइस्टचर्च में 6.3 तीव्रता के भूकंप से 185 लोगों की मौत हुई थी.
  • 1989: मैक्वेरी रिज के पास 8.2 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया था.
  • 1931: न्यूजीलैंड के इतिहास का सबसे बड़ा 7.8 तीव्रता का भूकंप हॉक्स बे में आया था, जिसमें 256 लोगों की जान गई थी.

निगरानी जारी, अलर्ट मोड पर प्रशासन

इसके अलावा, अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें. आफ्टरशॉक्स की संभावना को देखते हुए लोगों को ऊंचे इलाकों में जाने के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है.