Nepal Flood: नेपाल बाढ़ में सद्गुरु ईशा फाउंडेशन के 77 सदस्य लापता, कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर निकला था ग्रुप; खोज जारी
नेपाल बाढ़ में ईशा फाउंडेशन के 77 सदस्य लापता हैं. कैलाश मानसरोवर यात्रा पूरी कर काठमांडू लौट रहे समूह से संपर्क टूटने के बाद परिजन बेहद परेशान हैं और राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं.
नई दिल्ली: नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौट रहे भारतीय श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ा दी है. ईशा फाउंडेशन के 77 सदस्य लापता बताए जा रहे हैं. ये सभी कैलाश मानसरोवर यात्रा पूरी करने के बाद काठमांडू लौटने की तैयारी में थे. बताया गया कि समूह नेपाल के एक आव्रजन केंद्र पर मौजूद था, जहां अचानक संपर्क टूट गया. बाढ़ और संचार व्यवस्था प्रभावित होने से परिजनों को उनकी स्थिति की जानकारी नहीं मिल सकी है.
77 सदस्य एक आव्रजन केंद्र पर मौजूद
ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु ने एक्स हैंडल पर ये जानकारी दी है. उन्होनें लिखा कि लापता लोगों में तीर्थयात्री और स्वयंसेवक शामिल हैं. समूह ने कैलाश मानसरोवर की यात्रा पूरी कर ली थी और वापसी की तैयारी कर रहा था. इसी दौरान नेपाल में अचानक आई बाढ़ ने हालात बिगाड़ दिए. संस्था के अनुसार, 77 सदस्य एक आव्रजन केंद्र पर मौजूद थे. समूह के प्रमुख से सुबह बातचीत भी हुई थी, लेकिन कुछ ही देर बाद उनका संपर्क टूट गया. इसके बाद दोबारा फोन करने पर किसी सदस्य से बात नहीं हो सकी.
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कुछ मिनटों में टूट गया संपर्क
संस्था की ओर से बताया गया कि दल के एक सदस्य ने समूह प्रमुख प्रवीण से सुबह करीब नौ बजे बातचीत की थी. उस समय सब कुछ सामान्य था. कुछ मिनट बाद दोबारा संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन फोन नहीं लगा.
- समूह में 77 लोग बताए गए हैं.
- यात्रा पूरी करने के बाद दल वापसी पर था.
- आव्रजन केंद्र से संपर्क टूटने की जानकारी मिली है.
- बाढ़ के कारण संचार व्यवस्था बाधित है.
130 से अधिक भारतीयों के लापता होने की आशंका
नेपाल में आई बाढ़ के बाद 130 से अधिक भारतीयों के लापता होने की जानकारी सामने आई है. इनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए श्रद्धालु भी शामिल हैं. कुछ भारतीय अलग अलग स्थानों पर फंसे हुए बताए जा रहे हैं. कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में भारतीय नेपाल के रास्ते से आवाजाही करते हैं. ऐसे में अचानक आई बाढ़ और रास्तों में पैदा हुई बाधाओं ने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है. राहत दल प्रभावित क्षेत्रों में जानकारी जुटाने में लगे हैं.
तमिलनाडु के 37 यात्रियों का भी पता नहीं
तमिलनाडु के अधिकारियों के मुताबिक राज्य से नेपाल गए 57 यात्रियों में से 37 का अभी पता नहीं चल पाया है. इनमें तंजावुर के रहने वाले लोगों की संख्या भी बताई गई है. वहीं 20 यात्रियों के सुरक्षित होने की जानकारी सामने आई है. उत्तर प्रदेश और केरल समेत कई राज्यों ने भी अपने नागरिकों की जानकारी जुटाने के लिए सहायता केंद्र शुरू किए हैं. परिवार लगातार अपने लोगों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं.
काठमांडू लौट रहा था पूरा दल
ईशा फाउंडेशन के अनुसार, इस वर्ष कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए उसके कई समूह नेपाल और तिब्बत क्षेत्र में गए हैं. लापता दल ने अपनी तीर्थयात्रा पूरी कर ली थी. इसके बाद तिब्बती आव्रजन प्रक्रिया पूरी करके सदस्य नेपाल के आव्रजन केंद्र पहुंचे थे. वापसी के दौरान ही अचानक बाढ़ की स्थिति पैदा हुई. फिलहाल परिवारों को आधिकारिक सूचना का इंतजार है. प्रशासन और संबंधित संस्थाएं लापता भारतीयों की स्थिति का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं.
प्रभावित भारतीयों के लिए सहायता नंबर
नेपाल में फंसे भारतीयों के परिजनों से संबंधित राज्यों और अधिकारियों से संपर्क करने की अपील की गई है. केरल की ओर से भी सहायता के लिए संपर्क नंबर जारी किए गए हैं.
- नॉर्का सहायता केंद्र: 18004253939
- विदेश से सहायता के लिए: +91 8802012345
- केरल में जानकारी देने के लिए: 9447111844
- वैकल्पिक संपर्क नंबर: 9747132147
फिलहाल सबसे बड़ी चिंता लापता 77 सदस्यों की सुरक्षित वापसी को लेकर है. बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में संपर्क व्यवस्था सामान्य होने के बाद ही उनकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी. परिवारों को प्रशासन की ओर से मिलने वाली आधिकारिक जानकारी का इंतजार है.