menu-icon
India Daily

नेपाल में भीषण बाढ़ में करीब 100 की मौत, सैकड़ों लापता; 133 भारतीय भी शामिल  

नेपाल के मध्य हिस्से में बुधवार को तिब्बत से आई भीषण फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचा दी. इस बाढ़ में कम से कम 98 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 750 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं.

Shilpa Shrivastava
नेपाल में भीषण बाढ़ में करीब 100 की मौत, सैकड़ों लापता; 133 भारतीय भी शामिल  
Courtesy: X

तिब्बत: नेपाल के मध्य हिस्से में बुधवार को तिब्बत से आई भीषण फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचा दी. इस बाढ़ में कम से कम 98 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 750 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं. इनमें 133 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं. बाढ़ ने कई गांवों और कस्बों को प्रभावित किया, महत्वपूर्ण पुल बहा दिए और एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचाया.

बाढ़ कैसे आई और कहां पहुंची?

अधिकारियों के अनुसार, बाढ़ भोटे कोशी नदी के रास्ते सुबह करीब 9 बजे आई. सबसे पहले तिब्बत से लगते रसुवा और धादिंग जिलों में असर दिखा. इसके बाद यह धादिंग, नुवाकोट और चितवन जिलों तक फैल गई. कम से कम चार स्थायी पुल और कुछ अस्थायी पुल क्षतिग्रस्त हो गए. बागमती प्रदेश पुलिस के प्रवक्ता राजेंद्र प्रसाद धमाला के अनुसार चितवन से 18, धादिंग से 16, नुवाकोट से 11 और रसुवा से एक शव बरामद हुए हैं.

सैकड़ों लोग लापता, कई पर्यटक प्रभावित:

संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार आपदा के कुछ घंटों बाद 403 पर्यटकों का पता नहीं चल रहा था, जिनमें 341 विदेशी शामिल थे. लापता लोगों में कई भारतीय भी हैं, जिनमें से ज्यादातर कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए तिब्बत जा रहे थे. अब तक प्रभावित इलाकों से कम से कम 93 लोगों को बचाया जा चुका है. इनमें से 30 का इलाज काठमांडू के त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल में चल रहा है.

नेपाल के प्रधानमंत्री ने जताया दुख:

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने लोगों से एकजुट रहने की अपील की. उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, “आपको जो दर्द और नुकसान हुआ है वह छोटा नहीं है. लेकिन मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि इस मुश्किल घड़ी में आप अकेले नहीं हैं. राज्य अपने सभी साधनों और संसाधनों के साथ आपके साथ है.” उन्होंने कहा कि सरकार राहत, इलाज, भोजन और आश्रय की पूरी जिम्मेदारी लेती है.

पीएम मोदी ने दी मदद की पेशकश:

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बालेंद्र शाह से बात की और संवेदनाएं व्यक्त कीं. उन्होंने कहा, “इस कठिन समय में भारत के लोग नेपाल के भाइयों-बहनों के साथ हैं. भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है. हमारी टीमें राहत और बचाव कार्यों में करीबी समन्वय कर रही हैं.”