ऐतिहासिक! पृथ्वी से 4 लाख किलोमीटर दूर से आर्टेमिस II क्रू वापस लौटा, कुछ ऐसे हुई लैंडिंग
NASA के Artemis II मिशन के चार अंतरिक्ष यात्रियों ने शुक्रवार को पृथ्वी पर सुरक्षित वापसी की है. उन्होंने कैलिफोर्निया के सैन डिएगो तट से दूर प्रशांत महासागर में लैंडिंग की.
नई दिल्ली: NASA के Artemis II मिशन के चार अंतरिक्ष यात्रियों ने शुक्रवार को पृथ्वी पर सुरक्षित वापसी की है. उन्होंने कैलिफोर्निया के सैन डिएगो तट से दूर प्रशांत महासागर में लैंडिंग की. पिछले 50 से ज्यादा वर्षों में यह मिशन इंसानों की चांद तक की पहली क्रू यात्रा है. इस क्रू में कमांडर रीड वाइजमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और कनाडाई अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैनसेन शामिल थे.
इन सभी ने अंतरिक्ष में लगभग 10 दिन बिताए. उनका Orion अंतरिक्ष यान पृथ्वी से इतनी दूर तक गया जितना दूर Apollo मिशन के बाद से कोई इंसान नहीं गया था. इस दौरान एक ऐसा समय भी आया था जब वो पृथ्वी से 252756 मील (406,771 किमी) की रिकॉर्ड दूरी तक पहुंच गए थे.
यात्रियों ने ली शानदार वीडियो और फोटोज:
इस दौरान यात्रियों ने चांद के उस हिस्से के चारों तरफ चक्कर लागए जिसे इंसानी आंखों ने पहले कभी नहीं देखा है. उन्होंने शानदार फोटोज और वीडियो लिए, जिसमें पूर्ण सूर्य ग्रहण भी शामिल था. क्रू ने इस एक्सपीरियंस को बेहद भावुक और दिल को छू लेने वाला बताया. पृथ्वी के वायुमंडल में दोबारा प्रवेश का एक्सपीरियंस काफी अच्छा बताया.
Artemis II ने की Orion की सफलतापूर्वक जांच:
यह मिशन एक जरूरी टेस्ट फ्लाइट थी. Artemis II चांद पर उतरा तो नहीं, लेकिन उसने Orion अंतरिक्ष यान के सभी अहम सिस्टम की सफलतापूर्वक जांच कर ली. इसने भविष्य के लिए रास्ता साफ कर दिया है. बता दें कि NASA की योजना है कि वह 2027 में Artemis III मिशन से शुरू करके, एक बार फिर अंतरिक्ष यात्रियों को चांद की सतह पर उतारे.
क्रू को कुछ तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिनमें पीने के पानी के सिस्टम और टॉयलेट से जुड़ी समस्याएं शामिल थीं, लेकिन उन्होंने शांति से उनका हल निकाला. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अंतरिक्ष की खोज में जोखिम तो होते हैं, लेकिन चांद पर इंसानों की स्थायी मौजूदगी बनाने के बड़े लक्ष्य के लिए ये जोखिम उठाना सही है.