US Israel Iran War

'अब बस भी करो...', संयुक्त राष्ट्र ने की युद्ध रोकने की अपील; विशेष दूत नियुक्त करने का ऐलान

यूएन ने ईरान से अपील की कि वह अपने पड़ोसी देशों पर हमले बंद करे और क्षेत्र में शांति बनाए रखने में सहयोग करे. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि हालात को संभालने और बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए एक विशेष दूत नियुक्त किया जाएगा.

Anuj

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है. ऊर्जा आपूर्ति के प्रमुख केंद्रों पर हो रहे हमलों के चलते कई देशों में संकट की स्थिति बन रही है. इसी बीच संयुक्त राष्ट्र ने एक बार फिर युद्ध रोकने की अपील की है.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अमेरिका और इजरायल से ईरान के साथ चल रहे संघर्ष को समाप्त करने का आग्रह किया है. उन्होंने तेहरान से भी खाड़ी देशों पर हमले बंद करने को कहा. गुटेरेस ने कहा कि हालात अब नियंत्रण से बाहर होते जा रहे हैं और इसे तुरंत रोका जाना जरूरी है.

मानवीय संकट पर जताई चिंता

गुटेरेस ने अपने बयान में कहा कि युद्ध के चलते आम नागरिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. उन्होंने बताया कि हाल के हमलों के बाद क्षेत्र में हिंसा और बढ़ी है, जिससे लोगों की जान जा रही है और बड़े पैमाने पर तबाही हो रही है. इसके साथ ही वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ रहा है.

ईरान को दी सख्त सलाह

यूएन ने ईरान से अपील की कि वह अपने पड़ोसी देशों पर हमले बंद करे और क्षेत्र में शांति बनाए रखने में सहयोग करे. आगे कहा कि अब बहुत हुआ, बस भी करो. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि हालात को संभालने और बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए एक विशेष दूत नियुक्त किया जाएगा, जो शांति प्रयासों का नेतृत्व करेगा.

अमेरिका का युद्ध विराम प्रस्ताव खारिज

इस बीच ईरान ने अमेरिका के युद्धविराम प्रस्ताव को खारिज कर दिया है. रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी शर्तों के मुताबिक ही किसी समझौते पर विचार करेगा. इस दौरान इजरायल और खाड़ी देशों पर हमले जारी रहे, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है. ईरान ने ट्रंप के इस प्रस्ताव को अत्यधिक बताते हुए ठुकरा दिया और साफ लहजे में अमेरिका को चेतावनी दी है कि, "युद्ध शुरू आपने किया, खत्म हम करेंगे".

मिडिल ईस्ट में बढ़ी सैन्य गतिविधियां

संघर्ष के बीच इजरायल ने तेहरान पर हवाई हमले किए, जबकि अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है. बढ़ते टकराव को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार शांति की अपील कर रहा है, लेकिन फिलहाल हालात सामान्य होने के संकेत नहीं दिख रहे हैं.