'सना को आजाद कराकर रहेंगे', हूती हमलों के बाद सऊदी की ढाल बनेंगे पाकिस्तान-तुर्की; लागू हुआ 'मक्का डिफेंस पैक्ट'

मक्का और मदीना को निशाना बनाने वाले हूती हमलों के बाद सऊदी अरब, तुर्किए और पाकिस्तान ने 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौता' लागू कर दिया है.

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Reepu Kumari

नई दिल्ली: मक्का और मदीना को निशाना बनाने की कोशिशों के बाद यमन की जंग का दायरा अचानक बहुत बड़ा हो गया है. ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ चल रही लड़ाई अब क्षेत्रीय संघर्ष बन चुकी है. हूती हमलों के जवाब में सऊदी अरब, तुर्किए और पाकिस्तान ने अपना 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौता' औपचारिक रूप से लागू कर दिया है. इसके तहत तीनों देश सऊदी अरब में अपनी सैन्य ताकत और क्षमताओं की तेज तैनाती सुनिश्चित करेंगे.

दूसरी तरफ यमन की जमीन पर भी सैन्य कार्रवाई तेज हो गई है. सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन और यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने हूतियों के खिलाफ 'ऑपरेशन यमन डॉन' शुरू किया है. यह चौतरफा अभियान है. लड़ाई अब सिर्फ यमन की सीमाओं तक सीमित नहीं दिखती, क्योंकि पड़ोसी देश भी इसमें सीधे जुड़ते नजर आ रहे हैं. इसी बीच सऊदी-समर्थित बलों ने कुछ अहम शहरों पर दोबारा नियंत्रण भी हासिल कर लिया है.

रियाद की आपात बैठक में हुआ बड़ा एलान

रियाद में हुई मक्का डिफेंस अलायंस की आपात बैठक के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने संयुक्त बयान जारी किया. बयान में साफ कहा गया कि किसी भी एक सदस्य देश पर हुआ सशस्त्र हमला सभी सदस्यों पर हमला माना जाएगा. यानी अब सऊदी अरब पर होने वाली किसी भी चोट का जवाब अकेले रियाद नहीं, बल्कि अंकारा और इस्लामाबाद भी मिलकर देंगे.


दो मंत्रियों के बयान, जो बताते हैं इरादा

तुर्किए के विदेश मंत्री हाकन फिदान ने पुष्टि की कि बैठक में सऊदी अरब की रक्षा और सामूहिक सुरक्षा व्यवस्था को तुरंत लागू करने पर सहमति बनी है. सऊदी रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान ने कहा कि गठबंधन ने हूती हमलों के जवाब में सामूहिक रोकथाम के उपाय शुरू कर दिए हैं. दोनों बयानों से साफ है कि बात अब चेतावनी से आगे बढ़कर अमल तक पहुंच चुकी है.

बिजली स्टेशन पर वार, और बढ़ गया गुस्सा

तनाव की सबसे बड़ी वजह मदीना में स्थित बिजली वितरण स्टेशन पर हुआ हूती हमला बना. यही स्टेशन पैगंबर की मस्जिद को बिजली की आपूर्ति करता है. सऊदी अरब और उसके सहयोगियों ने पवित्र शहरों को निशाना बनाने की कोशिशों की कड़े शब्दों में निंदा की है. इस घटना के बाद सहयोगी देशों का रुख और सख्त हो गया, और बातचीत की जगह सैन्य तैयारी ने ले ली.

दोहा से रियाद तक एक ही संदेश

दोहा और रियाद में हुई बैठकों में तीनों देशों ने एक बार फिर दोहराया कि सऊदी अरब की क्षेत्रीय अखंडता और सुरक्षा पर कोई भी खतरा उनकी सामूहिक सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है. संदेश साफ है कि सऊदी अरब इस मोर्चे पर अकेला नहीं है और उसकी हिफाजत को तीनों देश अपनी साझा जिम्मेदारी मान रहे हैं.

सना को आजाद कराने का ऐलान

यमन की राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के प्रमुख रशाद अल-अलीमी ने घोषणा की कि ऑपरेशन यमन डॉन का मकसद सना को आजाद कराना और हूती तख्तापलट को खत्म करना है. गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की के अनुसार, लगभग 100 लड़ाकू विमानों ने सरकारी बलों के समर्थन में भीषण हवाई हमले किए और सैकड़ों हूती ठिकानों को तबाह कर दिया.

लाल सागर पर नजर, दुनिया के व्यापार का सवाल

सऊदी-समर्थित बलों ने रणनीतिक शहर धुबाब, बाब और हदीद पर फिर से नियंत्रण स्थापित कर लिया है. यह लड़ाई ऐसे समय में हो रही है जब हूतियों ने हाल ही में लाल सागर के तटवर्ती इलाकों और मोखा द्वीप पर कब्जा कर लिया था. इससे बाब अल-मंदेब स्ट्रेट पर उनका प्रभाव बढ़ गया था, जहां से दुनिया का लगभग 12 प्रतिशत समुद्री व्यापार गुजरता है.